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Monday, February 28, 2022

भाभी से दुष्कर्म में दस साल की कठोर सजा

बच्चे से मिला आरोपी का डीएनए, संपत्ति में मिला अधिकार

फतेहपुर, शमशाद खान । पारिवारिक भाभी के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नित्या पांडेय की अदालत ने छेड़खानी, रेप के साथ   विभिन्न संगीन अपराधों में संलिप्त अभियुक्त पर आरोप सिद्ध होने पर अलग-अलग मामलों में कुल दस साल की कठोर कैद व 29 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि से आधी रकम पीड़िता को देने का आदेश दिया है।


सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़िता के ससुर ने खागा कोतवाली में एक तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी बहू कोतवाली के गांव विधौरपुर मजरे कुंभीपुर ससुराल में थी। इस दौरान पारिवारिक भतीजे चंदन सिंह पुत्र जगदीश सिंह यादव ने 19 अप्रैल 2015 को बहू के साथ घर में घुसकर छेड़खानी किया। उसके बाद महिला अपने भाई की शादी में शामिल होने के लिए जसराजपुर गांव मायके चली गई। वहां वह 27 अप्रैल 2015 की शाम 5 बजे के करीब गांव के बाहर शौंच क्रिया के लिए गई थी। इस दौरान चंदन सिंह ने महिला के साथ तमंचे के बल पर दुष्कर्म किया। महिला गर्भवती हो गई। 9 अप्रैल 2016 को पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दिया। न्यायालय में मामला विचाराधीन के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता, बच्चे व अभियुक्त के डीएनए टेस्ट कराए जाने का न्यायाधीश को पत्र सौंपा। प्रयोगशाला लखनऊ की रिपोर्ट में मां बेटे का आरोपी चंदन सिंह के डीएनए से मैच हो गया। इस पर जज ने चंदन सिंह की संपत्ति पर बच्चे को उत्तराधिकारी बनाए जाने के एक पत्र में हस्ताक्षर कराए है। इस मामले में वादी पक्ष की ओर से अदालत में नौ गवाहों के बयान कराए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने चंदन सिंह को महिला के साथ दुष्कर्म, छेड़खानी करने का दोषी पाया। न्यायालय ने अभियुक्त को विभिन्न धाराओं में कुल 10 साल की कठोर कैद व 29 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं अभियुक्त द्वारा जुर्माने की राशि अदा न करने पर अतिरिक्त सजा का भी आदेश दिया है।


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