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Tuesday, February 22, 2022

फलीवेधक कीट पर जैविक नियंत्रण करें किसान

मौसम में बदलाव से फसलों में बढ़ रहा कीट ब्याधियों का प्रकोप  

बांदा, के एस दुबे । वर्तमान में मौसम में तेजी से वदलाव हो रहा है जिससे लगभग सभी फसलों में कीट ब्याधियों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। इसका नियन्त्रण अधिक उपज के लिये अति आवश्यक है। समय से अथवा जानकारी के अभाव में कीटों का नियन्त्रण न होने पर फसल के उत्पादन में भारी गिरावट आती है। वर्तमान में चना, मटर, मसूर में फलीबेधक के नियंत्रण के लिए फसल की नियमित निगरानी करते रहें। कीटों के नियन्त्रण के लिए 5 फेरोमोन ट्रैप प्रति हेक्टेयर की दर से खेत मे लगाएं व आवश्यकतानुसार नीम गिरी 4 प्रतिशत अथवा एचएनपीवी 250 एलइ 250-300 मिली. 300-400 लीटर पानी मे घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से सायंकाल छिड़काव करके कीट का जैविक नियंत्रण करें। कीटों के ज्यादा प्रकोप पर अथवा सेमीलूपर कीट के रासायनिक नियंत्रण के लिए क्यूनालफास 25 प्रतिशत ईसी की 2 लीटर मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से 600-700 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करना चाहिये। 

फसलों को देखते कृषि वैज्ञानिक

कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि दलहन की अन्य फसल जैसे अरहर में फली की मक्खी कीट से प्रकोपित फलियों की दशा में थायोमेथोक्साम 25 प्रतिशत डब्लूजी 3 ग्राम को 10 लीटर अथवा इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एसएल 3 मिली को 10 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। बुन्देलखण्ड में बोई जाने वाली लगभग सभी सब्जियों में कीटों के नियंत्रण के लिए नीम गिरी 4 प्रतिशत (40 ग्रा0 नीम गिरी का चूर्ण 1 ली0 पानी में) का घोल बनाकर 10 दिन के अन्तराल पर छिड़काव करना चाहिए। बैगन की फसल में कलंगी एवं फल बेधक कीट के नियंत्रण के लिए 10 मीटर के अन्तराल पर प्रति हेक्टेयर में 100 फेरोमोन ट्रेप लगाकर वयस्क नर कीट पकड़कर नष्ट कर देना चाहिए। रसायनिक नियन्त्रण के लिए क्लोरेन्ट्रानिलीप्रोल कीटनाशी की 100 मिलीलीटर मात्रा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ की दर से  10 दिन के अन्तराल पर आवश्यकतानुसार छिड़काव करना चाहिए। टमाटर में फल बेधक सूड़ी के नियंत्रण के लिए एजाडिरैक्टिन 0.15 प्रतिशत की 2.5 लीटर मात्रा को 500-600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से आवश्यकतानुसार 8-10 दिन के अन्तराल पर छिड़काव करें। फूलगोभी, पत्तागोभी में डायमंड बैक मोथ की निगरानी के लिए फेरोमोन प्रपंच 3-4/एकड़ लगाए व बैसिलस थूरिनजिएन्सिस (बीटी) 1.0 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से 400-500 लीटर पानी में घोलकर आवश्यकतानुसार 10-15 दिन के अन्तराल पर सायंकाल छिड़काव करना चाहिए। रसायनिक दवाओं का प्रयोग तभी करें जब जैविक नियन्त्रण करना सम्भव न हो। राई/सरसों में माहूं के जैविक नियंत्रण के लिए एजाडिरैक्टिन (नीम आयल) 0.15 प्रतिशत ईसी 2.50 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से 600-700 ली. पानी में घोलकर छिड़काव करें जिससे परभक्षी कीटों व मित्र कीटों का संरक्षण किया जा सके। कीट के रासायनिक नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एसएल 250 मिली. की मात्रा को 600-750 लीटर पानी मे घोलकर छिड़काव करना चाहिये। किसी भी फसल में कीट ब्याधियों के रोकथाम की जानकारी के लिए कृषि विश्वविद्यालय के कीट विज्ञान के प्राध्यापक, डा. राकेश पाण्डेय के मोबाईल नम्बर 7376473763 पर अथवा सस्य विज्ञान के प्राध्यापक, डा0 दिनेश शाह के मोबाईल नम्बर 9862567430 पर सम्पर्क (शनिवार को प्रातः 10 बजे से सायं 04 बजे तक) कर सकते है। 


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