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Sunday, February 13, 2022

मंगल गीतों की जगह गूंज उठीं करुण चीत्कारें

मंगल गीतों की जगह गूंज उठीं करुण चीत्कारें 

भाइयों की हादसे में मौत के बाद ससुराल से रस्में छोड़ वापस लौटी बहन 

परदेश में रहकर कमाते थे रोजी-रोटी, बहन की शादी में आए थे घर  

बांदा, के एस दुबे । बहन को विदा करने के चंद घंटों के बाद सड़क हादसे में दो सगे भाइयों की मौत हो गई। इस हादसे ने ससुराल गई बहन, परिवारीजन और गांव के लोगों को रुला दिया। हादसे की खबर पाकर ग्रामीणों का हुजूम मृतकों के घर पहुंच गया। इधर, चंद घंटे पहले ससुराल पहुंची बहन भी वैवाहिक रस्मों को छोड़कर अपने मायके वापस लौट आई। उसका रो-रोकर बुरा हाल है। 

मृतक सुभाषचंद्र

बबेरू कोतवाली क्षेत्र के पून गांव के रहने वाले सुभाषचंद्र और शोभाशरण वापी में रहकर काम करते थे। अपनी बहन की शादी के मौके पर तकरीबन एक पखवारे पूर्व ही वापस लौटे थे। 10 फरवरी को शादी के बाद बहन वंदना को हंसते-रोते दोनो भाइयों ने विदा किया। विदाई होने के बाद नाते-रिश्तेदारों का जाना भी शुरू हो गया था। इसी दौरान शनिवार की शाम को दोनो भाई सुभाषचंद्र और शोभाशरण बाइक में सवार होकर शादी का बचा हुआ सामान वापस करने के लिए बबेरू कस्बे गए थे। देर रात सामान वापस करने और हिसाब करने के बाद बाइक में सवार होकर वापस घर जा रहे थे, तभी कमासिन रोड स्थित आश्रम पद्धति स्कूल के पास खड़े ट्रक से बाइक टकरा गई। इस हादसे में दोनो सगे भाइयों की मौत हो गई। दोनो सगे भाइयों की मौत की खबर जब बहन की ससुराल
मृतक शोभाशरण

पहुंची तो बहन बदहवास हो गई। आनन-फानन में ससुरालीजनों ने बहन को उसके मायके भेज दिया। अचानक हुई इस घटना से परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ससुराली पक्ष के मुताबिक ससुराल पहुंचने के बाद शादी के बाद की कोई भी रस्म अभी पूरी नहीं हो सकी है। सड़क हादसे का शिकार हुए सुभाषचंद्र और शोभाशरण अपने-अपने परिवार का पेट पालने के लिए वापी में रहकर काम करते थे। बहन की शादी करने के लिए सुभाष 20 जनवरी को गांव आ गया था। वहीं पांच फरवरी को शोभाशरण आया था। मृतक सुभाष के तीन पुत्री शिवानी, स्वाती और माया व दो पुत्र शिवा, रितिक हैं। वहीं शोभाशरण के एक पुत्री ज्योति है। हादसे के शिकार होने के बाद दोनो मृतकों की पत्नियों के आगे अंधेरा छा गया। अब उनका और बच्चों का भरण पोषण कैसे होगा, यह बहुत बड़ी समस्या है। 


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