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Tuesday, February 22, 2022

राष्ट्र प्रेम की भावना में वृद्धि करती है मातृभाषा

राजकीय इंजीनियरिंग कालेज बांदा में हर्षाल्लास के साथ मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस

छात्र-छात्राओं ने गीत, नृत्य व नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर मातृभाषा के विकास का दिया संदेश 

बांदा, के एस दुबे । आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में राजकीय इंजीनियरिंग कालेज में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस कार्यक्रम 21 फरवरी को हर्षाल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में संस्थान के छात्र-छात्राओं ने अनेक मनोहारी प्रस्तुतियां देकर विश्व में भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता और बहुभाषिता को बढ़ावा देने का संदेश दिया। कार्यक्रम में समस्त भाषाओं के सम्मान एवं विशेषकर हिन्दी भाषा के विकास पर बल दिया गया।

मातृभाषा दिवस में सांस्कृतिक एवं साहित्यिक टीम के साथ संस्थान के निदेशक व शिक्षकगण

संस्थान के विद्यार्थी क्रियाकलाप भवन में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम में संस्थान में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के इतिहास, विकास पर विचार व्यक्त किये। छात्र-छात्राओं ने मातृभाषा के विकास पर आधारित गीत, नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियाँ देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। देश के अलग-अलग राज्यों में बोली जाने वाली भाषाओं पर आधारित नाटक की प्रस्तुति को सभी ने खूब सराहा। छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक पेश कर सभी से मतदान अवश्य करने की अपील की एवं मातृभाषा को बढ़ावा देने का संदेश दिया। अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की इस वर्ष की थीम ‘बहुभाषी शिक्षा के लिये प्रौद्योगिकी का उपयोग रू चुनौतियां और अवसर’ विषय पर छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये। 

संस्थान के निदेशक प्रोफेसर एसपी शुक्ल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस आयोजित करने का उद्देश्य विश्व में भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता और बहुभाषिता को बढ़ावा देना है। मातृभाषा प्रत्येक देशवासी में राष्ट्र प्रेम की भावना में वृद्धि करती है। देश के प्रख्यात शिक्षाविदों ने मातृभाषा में शिक्षा दिये जाने का संदेश दिया है, जिससे भाषा को सशक्त बनाया जा सकता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में मातृभाषाओं के विकास पर अधिकतम ध्यान दिया गया है एवं शिक्षा का माध्यम मातृभाषा रखने के लिये सुझाव दिये गये हैं। उन्होंने बहुभाषी शिक्षा के लिये प्रौद्योगिकी का उपयोग करने एवं भाषाओं के संरक्षण के लिये सभी से एकजुट प्रयास करने के लिये प्रेरित किया। कार्यक्रम में संस्थान की प्रभारी सांस्कृतिक एवं लिटरेरी गतिविधियां डा. अर्चना सिंह ने छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रतिभाओं की सराहना करते हुये कहा कि शिक्षा के साथ-साथ इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल होने से छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व विकास में वृद्धि होती है एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को लक्ष्य प्राप्ति के लिये निरंतर प्रयास करने एवं देश के विकास में योगदान करने के लिये प्रेरित किया। कार्यक्रम में डा. विभाष यादव, शांतनु शुक्ला, अनिल चौधरी, अरिंदम सिंह, मंजरी गंगवार, सोनाली पांडेय, पूजा सोनकर, कुंवर संदीप, दीपेश आदि शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधि टीम ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर संस्थान के कुलसचिव डा. आशुतोष तिवारी ने हर्ष व्यक्त किया एवं देश के विकास में अपनी शिक्षा का सदुपयोग करने एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण में सहयोग करने के लिये छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया।


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