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Thursday, January 27, 2022

पाकिस्तान की जेल से रिहा हुए जनपद के चार युवक

मछुवार के तौर पर काम करते हुए पाकिस्तानी जल सेना ने पकड़ा था 

घरवालों को मिली खबर तो खुशी का नहीं रहा ठिकाना

बांदा, के एस दुबे । रोजी-रोटी कमाने के लिए परदेश गए जनपद के चार युवक मछुवारे के तौर पर काम करते हुए पाकिस्तानी जल सेना के शिकंजे में फंस गए। मसलन उनको कई वर्षों तक पाकिस्तान की जेल में कैद रहना पड़ा। अबकी गणतंत्र दिवस के मौके पर पाकिस्तान ने जनपद के चार युवकों को पाकिस्तान की जेल से रिहा किया। पाकिस्तान की जेल से छूटे युवकों ने जब अपने-अपने घरों में फोन किया और बताया कि वह पाकिस्तान की जेल से छूट गए हैं और एक-दो दिन में घर आएंगे, तो युवकों के घर और गांव में हलचल मच गई। युवकों के परिजन उनके घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं। 

अजीतपारा गांव में बच्चीलाल के आने का इंतजार करती पत्नी और बच्चे

मालुम हो कि बिसंडा थाना क्षेत्र के अजीतपारा निवासी बच्चीलाल (40) पुत्र स्व. रामसेवक अनुरागी करीब पांच वर्ष पूर्व गांव के ही रज्जू कुशवाहा के साथ मछुवारे का कार्य करने के लिए परदेश गया था। वहां पहुंचने पर वोट में काम करते समय पाकिस्तानी जल सेना ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। रज्जू कुशवाहा बताता है कि वह भी पाकिस्तान जेल में दो वर्ष तक कैद रहने के बाद छूटकर आ गया। उसे तीन वर्ष हो गए। लेकिन बच्चीलाल नहीं छूट पाया था। बच्चीलाल की पत्नी कलावती ने बताया कि अचानक गुरुवार सुबह चार बजे फोन की घंटी बजी। पति ने कहा कि मै बच्चीलाल बोल रहा हूं, पहचान गई हो। तब उसने जबाब दिया कि हां मै पहचान गई हूं। उन्होंने जैसे ही कहा कि वह पाकिस्तान की जेल से रिहा हो गए हैं। एक-दो दिन में घर आ रहा हूं। इतना सुनकर बड़ी पुत्री पूनम, राधा, रोशनी, अमर की खुशी का ठिकाना न रहा। सभी बच्चीलाल के घर आने का इंतजार कर रहे हैं। बच्चीलाल की पतनी कलावती बताती है कि गरीबी के कारण पति बच्चीलाल परदेश गए थे। लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि वहां जाने से वह पाकिस्तान की जेल पहुंच जाएंगे। पति के पांच वर्ष तक पाकिस्तान की जेल में रहने के दौरान बच्चों के भरण पोषण के लिए ईंट पथाई और मजदूरी तक की है। इसी तरह तिन्दवारी थाना क्षेत्र के जसईपुर गांव निवासी विवेक पुत्र राम विशाल कुशवाहा नवम्बर 2017 को गुजरात से सटे समुद्री इलाकों में मछली पकड़ने के दौरान पाकिस्तान जलसेना द्वारा साथी मछुआरे समेत बंदी बना लिया गया था। विवेक कई वर्षों बाद रिहा हुआ है। विवेक के पिता रामविशाल कुशवाहा ने बताया कि बुधवार की रात पुत्र विवेक का फोन आया कि वह पाकिस्तान की जेल से रिहा हो गया है। बेटे की आवाज सुनकर पिता का मन खुशी से झूम उठा। बताया कि एक लंबे अरसे बाद कराची की जेलों से छूटे बेटे देश की सरहद में वापस लौट आए हैं। इस खुशी को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। रामविशाल कहते हैं कि बेटे विवेक के साथ बाबू सिंघौली (तिंदवारी), राजू महेदू (चिल्ला) बच्चीलाल बेलगांव (बिसंडा) भी पाकिस्तानी जेल से छूटे हैं। 


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