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Wednesday, January 12, 2022

विधानसभा चुनाव : सपा के बंद पत्तों ने लोगों की बढ़ाई बेचैनी

प्रतिद्वन्दी दलों के साथ ही सपा के दावेदारो में ऊहापोह की स्थिति

अभी तक केवल बसपा ने तय किए तीन उम्मीदवार

फतेहपुर, शमशाद खान । विधानसभा चुनाव 2022 का बिगुल बजने के बाद भी समाजवादी पार्टी के प्रत्याशीयों का चयन न होने से सपा समर्थकों के अलावा आम जनमानस में असमंजस्य की स्थिति बनी हुई है। प्रत्येक विधानसभा में संभावित प्रत्याशियों की फौज फाटे के साथ जनसंपर्क करने वाले नेताओं की एक लंबी सूची है लेकिन किसी भी प्रत्याशी की दावेदारी पर पार्टी आलाकमान की अंतिम मुहर न लगने से प्रत्याशियों व आमजन में मायूसी है। जनपद की छह विधानसभाओं में प्रत्येक सीट से अपने आपको संभावित प्रत्याशी मानकर प्रतिदिन प्रचार में करने वाले


नेताओ के वाहनों एवं उनके लाव लश्कर को देखे जा सकते है लेकिन किसी भी नेता को अभी तक पार्टी शीर्ष नेतृत्व से आशीर्वाद स्वरूप 2022 के चुनाव का फाइनल टिकट नहीं मिला। ऐसे में अपने आपको आश्वस्त मानकर प्रचार में लगे नेताओं के सामने असहज स्थिति बनी हुई है। वहीं सपा के सहारे अपनी जातीय गणित भिड़ाने वाले प्रमुख प्रतिद्वंदी राजनैतिक दलों में भी बेचौनी है। जनपद में बहुजन समाज पार्टी अकेली ऐसी पार्टी है जिसने अपने तीन विधानसभा से प्रत्याशियों का चयन करके उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। बसपा ने खागा सुरक्षित सीट से दशरथ लाल सरोज, हुसैनगंज से फरीद अहमद, जहानाबाद सीट से पूर्व विधायक आदित्य पांडेय का चयन कर सूची फ़ाइनल कर दी है। प्रदेश में सबसे बड़ा दल होने के नाते समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों की बाट जोह रही जनता को प्रत्यशियों के चयन की सूची न आने से मायूसी है। सपा में दावेदारों की बात करे तो 238 जहानाबाद विधानासभा से पूर्व विधायक मदन गोपाल वर्मा, वंदना राकेश शुक्ला, कविता अग्निहोत्री दावेदारी कर रहीं हैं। जहानाबाद विधानसभा से भाजपा की सहयोगी पार्टी अपना दल से जय कुमार सिंह जैकी विधायक है और प्रदेश सरकार में कारागार राज्यमंत्री है। 239 बिंदकी विधानसभा से पूर्व सांसद डॉ अशोक पटेल, सैनिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष धर्मपाल पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष व पूर्व प्रत्याशी रहे चुके रामेश्वर दयाल दयालू, डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश सिंह उर्फ जालिम सिंह, डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री विजय सिंह, ठाकुर सतीश राज सिंह, जंगबहादुर सिंह मख़लू, अन्नू मिश्रा अपनी दावेदारी पेश कर रहे है। बिंदकी विधानसभा से वर्तमान में भाजपा से करण सिंह पटेल विधायक है। 240 सदर सीट से दिवंगत पूर्व विधायक सैयद कासिम हसन के पुत्र व सदर से सपा के पूर्व प्रत्याशी रहे आबिद हसन, नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन व सदर के पूर्व प्रत्याशी चन्द्र प्रकाश लोधी, पूर्व ब्लाक प्रमख प्रतिनिधि राजू साहू, कांग्रेस से सपा में आए राजू लोधी, कांग्रेस के टिकट पर बिंदकी विधानसभा का चुंनाव लड़ चुके प्रमुख व्यवसाई हाजी रफी अहमद, नगर पालिका चेयरमैन प्रतिनिधि हाजी रज़ा प्रमुख दावेदारों में हैं हालांकि चेयरमैन प्रतिनिधि हाजी रज़ा फिलहाल  भाजपा नेता फैजान रिज़वी से मारपीट के मामले में जेल में हैं परंतु समाजवादी पार्टी में उनकी मंज़बूत पकड़ की वजह से उनकी प्रत्याशिता से इनकार नहीं किया जा सकता। सदर विधानसभा से भाजपा के विक्रम सिंह विधायक है। 241 अयाह शाह विधानसभा से राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद, पूर्व ब्लाक पमुख असोथर रीता प्रजापति प्रमुख दावेदारों में है। वर्तमान में भाजपा के पूर्व न्याय मंत्री राध्येश्याम गुप्ता के पुत्र विकास गुप्ता इस सीट से विधायक है। वहीं जनपद की हाई प्रोफाइल सीट 242 हुसैनगंज विधानसभा में भी सपा के पास दावेदारों की पूरी फ़ौज है। भाजपा के कद्दावर नेता एवं प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री राणवेंद्र प्रताप उर्फ धुन्नी सिंह के निर्वाचन सीट होने के नाते हुसैनगंज विधानसभा जनपद के अहम सीट में गिनी जाती है। यहां से बाहुबली नेता पप्पू सिंह, कांग्रेस से सपा में शामिल हुई पूर्व मंत्री मुन्नालाल मौर्या की पत्नी ऊषा मौर्या, पूर्व विधायक मोहम्मद सफीर व अरुणेश पांडेय प्रमुख दावेदारों में है। ऊषा मौर्या इसी सीट से 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के टिकट से विधानसभा का चुंनाव लड़ चुकी हैं। 243 खागा सुरक्षित सीट से महिला सभा जिलाध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य संगीता राज पासी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद पासवान पूर्व आईपीएस अधिकारी पूर्व डीआईजी राम तीरथ परमहंस, गुड्डू पासी अपनी दावेदारी ठोके हुए है। खागा विधानसभा से भाजपा की कृष्णा पासवान लगातार तीन बार से विधायक है। सदर विधानसभा की दावेदारों में प्रचार करने वालों की भी अच्छी खासी तादात है। सभी विधानसभाओं में दावेदारों की लंबी फेहरिस्त होने के बाद भी समाजवादी पार्टी के पत्ते न खुलने से दावेदारों के साथ ही आम जनता व प्रतिद्वंदी राजनैतिक दलों में भी बेचौनी देखने को मिल रही है। जानकारों की माने तो समाजवादी पार्टी के संभावित प्रत्याशियों के अलावा अन्य दावेदारों की सूची सपा आलाकमान के पास पहुँच चुकी है। प्रत्याशियों के चयन प्रक्रिया अंतिम दौर में है। जिसमे शीर्ष नेतृत्व की मुहर लगना बाकी है। विधानसभा चुनाव 2022 के लिए प्रत्याशी घोषित करने के बाद प्रत्याशियों की लोकप्रियता एवं होने वाले विरोध की आशंका जैसे नफा नुकसान के आंकलन के बाद ही सूची जारी की जाएगी। सपा प्रत्याशियों की सूची में देरी से संभावित प्रत्याशियों के दिलों की धड़कने जहां बढ़ी हुई हैं, वहीं सपा प्रत्याशियों की घोषणा के बाद अपनी गोट बिछाने की तैयारियों में लगी अन्य राजनैतिक पार्टियों के नेताओ में भी बेचौनी है। जबकि आम जनता भी प्रत्याशी घोषित होने का बेसब्री से इंतेज़ार कर रही है।


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