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Saturday, January 29, 2022

आनलाइन खरीदारी से बदला बाजार का स्वरूप

कपड़ा, जूते व सजावटी वस्तुओं की हो रही आनलाइन खरीदारी

खागा/फतेहपुर, शमशाद खान । लोगों में आनलाइन खरीदारी का क्रेज दिनों दिन बढ़ रहा है। कोरोना काल में आनलाइन खरीदारी ने बाजार की तस्वीर ही बदल कर रख दी है। त्योहार पर कपड़े व जूते तो छोड़िए, लोग घरों को सजाने से लेकर खाने तक के लिए आनलाइन खरीदारी कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया का सपना धीरे-धीरे पूरा होने लगा है। कुछ दिनों तक युवा आनलाइन खरीदारी करते थे, लेकिन अब हर उम्र के लोग इस ओर आकर्षित हो रहे हैं। जिसका एक मात्र कारण है आनलाइन खरीदारी का बेहद आसान और सुविधाजनक होना। लोग बाजार जाने के बजाए आनलाइन खरीदारी करना पसंद कर रहे हैं। अपनी जरूरत की वस्तुओं के रंग व साइज के अनुसार आर्डर कर देते हैं। एक हफ्ते के अंदर सामान खरीदार के घर तक पहुंच जाता है। ऐसा करने से न कहीं घूमना और न भीड़ की चिंता। सहालग के इस दौर में बाजार में लोग खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन अधिकांश लोग आनलाइन आर्डर देकर सामान घर पर ही मंगवा रहे हैं।


आनलाइन से हर एक सामान की खरीदारी हो जाती है, जबकि बाजार में सामान न आने की वजह से स्टाक की काफी कमियां हो गई हैं। कुशल त्रिपाठी, सुनील शुक्ला, ऋचा, अंकित तिवारी, राजू, निखिल मिश्र आदि ने बताया कि सामान बेहद कम दामों पर मिल जाते हैं। बताया कि अगर सामान पंसंद न आए तो कंपनी आसानी से सामान की वापसी भी कर लेती है। मैसेज कर सामान बदला भी जाता है। आनलाइन शापिंग का खुमार देहातों में बहुताय देखने को मिल रहा है। खागा नगर में दो कोरियर सेंटर हैं। एक डेलीवेरी और दूसरी ईकॉम एक्सप्रेस, डेलीवेरी के मनेजर श्रजन तिवारी ने बताया कियहां प्रतिदिन पांच से छह सौ प्रोडक्ट का डेली वितरण हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की रूचि काफी बढ़ी है। वहीं ईकाम एक्सप्रेस के मैनेजर अमित श्रीवास्तव ने बताया कि हमारे यहां रोज तीन से चार सौ प्रोडक्टों का वितरण हो रहा है। कुल मिलाकर पहले की अपेक्षा काफी डिमांड बढ़ी है। खागा नगर व ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर रोजाना एक हजार प्रोडक्टों का वितरण किया जा रहा है।

बाजार में बिक्री हुई कम

दुकानदार अजय गुप्त, कल्लू जायसवाल, निशी मोदनवाल, मानसी, रश्मि गारमेंट्स, राजेंद्र आदि का कहना है कि इस बार लाकडाउन में लोगों ने आनलाइन शापिंग को ज्यादा तवज्जो दिया है। इस वर्ष त्योहार में न के बराबर बिक्री हुई है।


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