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Monday, January 10, 2022

कृषि वैज्ञानिकों ने देखी जमीनी हकीकत

तिंदवारी, के एस दुबे । हैदराबाद द्वारा संचालित इंक्रीसेट परियोजना के तहत बेंदा, अमलीकौर व जौहरपुर गांव में किसानों के आय दो गुना करने का विगत दो वर्षों से अभियान चलाकर कार्य किया जा रहा है।  जिसके तहत उन्नत किस्म के बीज, सूक्ष्म पोषक तत्वों के प्रयोग, जल निकास व मेड़बंदी, जमीन का जल स्तर बढ़ाने के लिए हवेली का उपयोग, हर खेत पर पेड़, कृत्रिम गर्भाधन आदि के कार्य किये जा रहे हैं। परियोजना प्रमुख डा. श्रीनाथ दीक्षित व बीएचयू के कृषि वैज्ञानिकों की टीम ने कार्यों की जमीनी हकीकत देखी।

निरीक्षण करते कृषि वैज्ञानिक

परियोजना प्रमुख श्री नाथ दीक्षित ने बताया कि परियोजना के तहत जिले में तीन जल संचयन संरचना हवेली सिस्टम तैयार किया गया है। एक हवेली सिस्टम में 20 हजार क्यूसेक मीटर पानी स्टोर करने की क्षमता होती है। 570 एकड़ की मेड़बंदी की गई है। 22 पक्के जल निकास निर्मित किये जा चुके हैं। उन्नत किस्म के बीज, सूक्ष्म पोषक तत्वों के प्रयोग, जल निकास व मेड़बंदी, जमीन का जल स्तर बढ़ाने हेतु हवेली का उपयोग, हर खेत पर पेड़, कृत्रिम गर्भाधन, फल दार पौधों का रोपण कृषि वानिकी प्रणाली से तैयार किये जा रहे हैं। टीम ने किसानों के साथ बैठक कर परियोजना कार्यशैली और प्रभावों की जानकारी ली। इस दौरान ग्राम उन्मेष के डायरेक्टर अम्बरीष श्रीवास्तव, कृषि वैज्ञानिक/ कृषि विज्ञान महाविद्यालय बीएचयू के निदेशक डॉ. रमेश चंद्रा, कृषि विभाग के डीन डॉ. यशवंत सिंह, डॉ. एसके सिंह, डॉ. ओपी सिंह, कृषि वैज्ञानिक अनिल सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अनिल सिंह व भुजौली के अनिल सिंह पटेल आदि मौजूद रहे।


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