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Saturday, January 15, 2022

कोरोना : गांवों में निगरानी समितियों को किया जाए सक्रिय

सार्वजनिक स्थानों पर कोरोना जांच का कराया जाए इंतजाम 

प्रमुख सचिव ने बैठक में उप मुख्य चिकित्साधिकारी को दिए निर्देश 

बांदा, के एस दुबे । प्रमुख सचिव ने कोविड-19 एवं संचारी रोग नियंत्रण और बचाव आदि की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। कोरोना संक्रमण पर रोक लगाने के लिए शासन स्तर पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थानों पर एंटीजेन और आईटीपीसीआर जांच कराई जाए, ताकि कोरोना संक्रमण पर रोक लगाई जा सके। ग्राम पंचायतों की निगरानी समितियों को सक्रिय करते हुए उन्हें थर्मामीटर और पल्स आक्सीमीटर उपलब्ध कराए जाएं। 

बैठक लेते प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव

प्रमुख सचिव ने कहा कि जिन्होंने कोविड वैक्सीनेशन की प्रथम डोज एवं दूसरी डोज नही लगवायी है, उनका चिन्हीकरण कर लगवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने वैक्सीनेशन की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। कहा कि जनपद में जो इन्ट्रीग्रेटेड कोविड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर पूर्ण रूप से 24 घण्टे संचालित होना चाहिए और चिकित्सा अधिकारियों सहित कर्मियों की भी ड्यूटी लगायी जानी चाहिए। प्रमुख सचिव ने उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरएन प्रसाद पर नाराजगी व्यक्त की। कहा कि बैठक में आएं तो पूरी जानकारी के साथ आएं। बताया गया कि जनपद में 5 आक्सीजन प्लांट संचालित हैं। जिलाधिकारी अनुराग पटेल द्वारा बताया गया कि डाक्टरों की कमी है, बाकी ठीक चल रहा है। जल-जीवन मिशन खटान, अम्लीकौर, एलएनटी की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति ने उप्र शासन ने अमलीकौर के इन्टेकबेल के कार्यों की समीक्षा की। बताया गया कि 37 प्रतिशत कार्य हो गया है। प्रतुख सचिव ने माह मार्च तक कार्य को पूर्ण करने शख्त निर्देश दिये। कहा कि मैन पॉवर लगाकर कार्य में प्रगति लायी जाए। अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे एमपी सिंह ने बताया कि 70 हजार कनेक्शन के सापेक्ष मात्र 5000 ही कनेक्शन दे पायें हैं। प्रगति बहुत खराब है। नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रमुख सचिव ने निर्देशित किया कि यदि किसी फर्म के द्वारा कार्य में लापरवाही की जाए तो उसे टर्मिनेट कर दूसरी फर्म को नियमानुसार टेण्डर कर कार्य दिया जाए। पीपीटी के माध्यम से जल जीवन मिशन के संचालित कार्यों को दिखाया गया जिसमें प्रमुख सचिव ने निर्देश दिये कि वाल पेन्टिंग, स्लोगन के माध्यम से इसका प्रचार-प्रसार कराया जाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा से जनसामान्य को जानकारी प्राप्त हो सके। बैठक में अपर जिलाधिकारी उमाकान्त त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्या, उप जिलाधिकारी नमामि गंगे एमपी सिंह, अधीक्षण अभियंता जल-जीवन मिशन, जल-जीवन मिशन के कार्यदायी संस्थाओं के सदस्य एवं सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके पूर्व प्रमुख सचिव ने कहा कि उप मुख्य चिकित्साधिकारी ने प्रमुख सचिव श्री श्रीवास्तव को बताया कि जिले में शनिवार को 40 केस नए मिले हैं। इस तरह से सक्रिय केसों की जनपद में कुल संख्या 127 हो गई है। बताया कि जिला अस्पताल में 2, मेडिकल कालेज में 1 और लखनऊ में एक पीड़ित भर्ती है। बाकी 123 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिये कि सार्वजनिक जगहों पर अभियान चलाकर आईटीपीसीआर तथा एन्टीजन टेस्ट कराया जाए। मेडिसिन किट भी समय से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन में जो सक्रिय मरीज हैं उन्हें आइवर मैक्टिन, पैरासिटामॉल इत्यादि दवायें दी जाएं। 469 ग्राम पंचायतों में सभी निगरानी समितियां सक्रिय की जायें। उन समितियों को थर्मामीटर, पल्स आक्सीमीटर सम्बन्धी उपकरण दिये जाएं। प्रमुख सचिव नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग अनुराग श्रीवास्तव ने सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए यह निर्देश दिए। 


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