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Saturday, January 1, 2022

एटीएम फ्राडः एक रकम को दो बार करते थे पार

परिचितों के शून्य खातों में रकम मंगा कर कर रहे थे जाल बिछा करके साइबर क्राइम

रूपया निकलने के बाद एटीएम के खाचे में हाथ रखकर क्रियाशीलता कर देते थे बाधित  

फतेहपुर, शमशाद खान । चौडगरा स्थित एसबीआई के एटीएम बूथ के पास से शनिवार चार साइबर अपराधियों को पुलिस ने दबोचा। यह गिरोह, परिचितों के रकम से शून्य खातों को निशाना बनाकर एक रकम को दो मर्तबा निकालने का कारनामा कर रहा था।  एक बार एटीएम से पैसा निकालने के बाद हैक कर देते थे। पुलिस ने 90 हजार की नकद रकम के साथ 21 एटीएम कार्ड, 315 बोर का तमंचा, कारतूस के साथ एक कार बरामद की है।     

पुलिस की गिरफ्त में पकडे गये अभियुक्त।

एसपी राजेश कुमार सिंह ने पुलिस लाइन में मीडिया से कामयाबी का खुलासा किया। बकौल कप्तान, कल्यानपुर थानाध्यक्ष और स्वाट टीम प्रभारी की टीम ने मुखबिर की सूचना पर चौडगरा ओवरब्रिज के नीचे चार संदिग्ध युवकों को खड़ा देखा। पूछताछ की गई तो एटीएम फ्राड गिरोह का चेहरा सामने आया। पकड़े गये युवकों की पहचान सर्वेन्द्र कुमार निवासी 37 बटालियन पीएसी कानपुर नगर, अजय कुमार वर्मा निवासी एलआईजी-175 डी ब्लाक श्याम नगर कानपुर नगर, दीपक पासवान, निवासी न्यू लाईन 37 बटालियन पीएसी कानपुर नगर और जितेन्द्र कुमार पासवान निवासी उमरापुर मजरे कोराईं थाना मलवां के रूप में हुई हैं। एसपी ने बताया कि यह गिरोह गैर प्रांत तक अपना जाल बिछाकर काम कर रहा था। परिचितों के रकम से शून्य  खातों को ढाल बनाने वाला यह गिरोह ऐसे खातों में अपना रूपया मंगाता था। अपना पैसा मंगाने के बहाने गिरोह के सदस्य खाता संख्या, एटीएमा कार्ड व  पासवर्ड मंगवाते थे।  कई राज्यों से खाचेदार एटीएम की व्यवस्था करके उनसे रूपए निकालते थे। एटीएम से पैसा निकलते समय अपना हाथ एटीएम के खाचे में लगा देते थे। जिससे क्रियाशीलता बाधित हो जाती थी।  ऐसी दशा में इन्हें रकम तो मिल जाती थी लेकिन इसका भुगतान शो नहीं करता था। बाद यह गिरो इन्हीं पैसों की लिखित शिकायत खाताधारक के नाम करता था। बकायदा शिकायत देने के लिए फर्जी हस्ताक्षर बनाते थे इसके बाद उन्हीं पैसों को दोबारा खाते में मंगाककर उन्हें निकाल लेते थे।  इस तरह से यह गिरोह एक रकम को दो बार निकाल रहा था।


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