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Tuesday, January 4, 2022

केंद्र में टीकाकरण कराती युवतियां

उत्साहित किशोर-किशोरियों ने लगवाए टीके 

शाम 5 बजे तक 133 बच्चों को लगा टीका 

टीकाकरण के लिए स्वयं आगे आये बच्चे 

बांदा, के एस दुबे । कोरोना की संभावित तीसरी लहर से 15 से 18 वर्ष के किशोर-किशोरियों को बचाने को लेकर सोमवार से जनपद के 53 केंद्रों में टीकाकरण अभियान शुरू हुआ। जिला अस्पताल में मेडिकल हेल्थ संयुक्त सचिव शिव गोपाल सिंह ने फीता काटकर टीकाकरण बूथ का शुभारंभ कराया। टीकाकारण के लिए बच्चे स्वयं प्रोत्साहित होकर आगे आये। शाम 5 बजे तक जनपद में 133 बच्चों को टीके लगे। कुछ केंद्रों में देर शाम तक टीकाकरण जारी था। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वीके तिवारी ने बताया कि सोमवार को जिला अस्पताल के साथ-साथ जनपद के कुल 10 स्वास्थ्य केन्द्रों पर 15 से 18 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण शुरू हो चुका है। बच्चों को को-वैक्सीनलगाई जा रही है जिसकी दूसरी डोज़ 28 दिन बाद लगाई जाएगीप् सभी अभिभावक अपने बच्चों का वैक्सीनेशन जरूर कराएंप् साथ ही उन्होने शिक्षकों से अनुरोध किया कि वह लक्षित उम्र के छात्र- छात्राओं एवं उनके माता-पिता को टीकाकरण के लिए प्रेरित करें जिससे कि अधिक संख्या में बच्चे टीकाकरण के लिए आए।

केंद्र में टीकाकरण कराती युवतियां

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एमसी पाल ने बताया कि आज जनपद में 15 से 18 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण सफलतापूर्वक शुरू हुआ। टीकाकरण के दौरान बच्चे काफी प्रोत्साहित दिखे। यूएनडीपी की कोल्ड चैन मैनेजर अंजना पटेल ने बताया कि शाम पांच बजे तक जनपद में 133 बच्चों को टीका लग चुका था। कुछ केंद्रों में देर शाम तक टीकाकारण जारी रहा। भीड़ अधिक होने की वजह से देर तक जनपद का डाटा पोर्टल पर अपडेट होगा। शहर के इंदिरा नगर की रहने वाली 16 वर्षीय श्रेया ने अपनी मां के साथ जिला अस्पताल आकर कोविड वैक्सीन की पहली डोज़ लगवाई। मां अनीता मिश्रा बताती हैं कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप से बच्चों को बचाने के लिए टीकाकरण बेहतर उपाय है। हमारे परिवार में सब ने ही टीकाकरण करा लिया अब बच्ची को टीका लगवाने आयें हैं। शहर की रहने वाल 17 वर्षीय अंजली यादव बताती हैं कि वह खुद से स्लोट बुक करके टीकाकरण कराने आई हैं। घर में उसके अलावा सभी का टीकाकराण पूर्ण हो चुका था। वह काफी समय से बच्चों के टीकाकरण शुरू होने का इंतजार कर रही थी, जैसे ही उसे अखबार के माध्यम से टीकाकरण शुरू होने का पता चला, उसने बिना किसी देरी के स्वयं अपना स्लॉट बुक कर जिला अस्पताल में टीकाकरण का पहला डोज़ लगवाया।


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