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Tuesday, January 4, 2022

टीबी उन्मूलन कार्य जनपद में हो रहा सफल : सीएमओ

एक वर्ष में 5083 संक्रमित व 117 मरीजों की हुई मौत

प्रचार प्रसार में धर्मगुरुओं का सहारा 

फतेहपुर, शमशाद खान । देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को सफल बनाने के लिए प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग संकल्पबद्ध है। जनपद को टीबी से मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को चिन्हित कर इलाज के लिए सर्विलांस उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही संक्रमित मरीजों को सरकार द्वारा पोषण भत्ता भी उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में जनपद में 5083 टीबी के संक्रमित मरीज है। जिनका डॉट सिस्टम के माध्यम से इलाज किया जा रहा है। उक्त बातें मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ राजेन्द्र सिंह ने पत्रकारो से वार्ता का दौरान कही।

पत्रकारों से वार्ता करते सीएमओ राजेंद्र कुमार।

मंगलवार को शहर के तुराबअली का पुरवा स्थित मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में आजादी का अमृत मोहत्सव आईकोनिक वीक ऑफ हेल्थ के तहत आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान सीएमओ राजेन्द्र कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है। जनपद में 6300 मरीजों को चिन्हित करने के लक्ष्य के सापेक्ष 5083 टीबी के मरीज चिन्हित किए गए हैं। जो कि 81 फीसद लक्ष्य के अनुरूप है। उन्होने कहा कि सभी चिकित्साधिकारियों को दो सप्ताह से अधिक खांसी आने वाले मरीजों को चिन्हित कर मैक्रोएकोपिक जांच के रेफर करने के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही बताया कि टीबी संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए जनपद में 28 डीएमसी सेंटर बने हुए है। मरीजों की जांच के लिए जनपद में 6 ट्रू नॉट मशीन व 2 सीबी नॉट मशीन लगाई गई है। जिसमें एक सीबी नॉट डीएमसी व एक बिंदकी में लगी है। दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी व बुखार से पीड़ित मरीजों को जिला क्षय चिकित्सालय आकर जांच व इलाज कराना चाहिए। उन्होने बताया कि क्षय रोग से पीड़ितों का 6 माह का कोर्स के माध्यम से इलाज किया जाता है। इस समय मरीजों को नियमित रूप से दवाई का सेवन करना चाहिए। दवाई बीच मे छोड़ने से टीबी संक्रमण की संभावना बढ जाती है। जिससे मरीजों को एमडीआर के माध्यम से दोबारा से 9 व 18 माह तक का दवाई का कोर्स करना पड़ता है। जनपद में वर्तमान में 165 एमडीआर मरीज है जबकि एक वर्ष के भीतर जनपद में 117 लोगों की मौत हुई है। उन्होने बताया कि दवा की अवधि पूरी होने के पश्चात यदि किसी मरीज में दोबारा से किसी तरह की दिक्कत होती है तो उसे दोबारा से जांच के उपरांत दवाई के लिए सर्विलांस पर लिया जाता है। उन्होंने बताया कि टीबी संक्रमित मरीजों को इलाज के दौरान सरकार द्वारा 500 रुपए प्रतिमाह उपलब्ध कराया जाता है। 4426 मरीजों के बैंक खाते में सरकार द्वारा 500 भेजे गए हैं एवं 96 फीसद टीबी संक्रमित मरीजों की एचआइवी जांच भी की जा चुकी है। उन्होने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत जनपद में 5 व 6 जनवरी को ब्लाक स्तर पर टीबी उन्मूलन के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाया जायेगा। 7 व 8 जनवरी को धर्मगुरुओं का क्षयरोग पर संवेदीकरण कराया जायेगा। 9 जनवरी को टीबी रोग के प्रति जन जागरूकता कार्यक्रम के तहत ग्राम स्तर पर सामुदायिक बैठक कराई जायेगी। इस मौके पर राकेश कुमार, अजीत सिंह पटेल, प्रशांत नारायण, प्रशांत चतुर्वेदी आदि रहे।

एक वर्ष में 117 मौतों के आंकड़े उठा रहे सवाल

फतेहपुर। स्वास्थ्य महकमें के अनुसार एक वर्ष में क्षय रोग से 117 मरीजों की मौत है। जाँच व इलाज के बडे़-बडे़ दावों के बीच टीबी मरीजों की मौत के आंकड़े सरकारी दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं। वहीं जानकारों की माने तो वास्तविक संक्रमितों की मौत आधिकारिक आंकड़ों से भी कही अधिक हो सकती है।


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