मौसम की मार से किसानों के माथे पर गहराई चिंता की लकीरें - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Sunday, January 9, 2022

मौसम की मार से किसानों के माथे पर गहराई चिंता की लकीरें

गेहूं को आंशिक तो दलहनी व तिलहनी फसलों को भारी नुकसान की आशंका  

फतेहपुर, शमशाद खान । जनवरी माह में मौसम में आए अचानक परिवर्तन के बाद लगातार रविवार को लगातार चौथे दिन जारी बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। मौसम की मार के आगे आम जनमानस बेहाल हो गया। वहीं किसानो के लिए मुसीबत साबित हो रही है। अचानक हुई बरसात ने किसानों में माथे पर चिंता की लकीरें गहरा दी है। अचानक शुरू हुई बारिश की वजह से दलहनी व तिलहनी फसलें बर्बादी की कगार पर पहुँच गई है। बारिश से गेहूं को आंशिक तो अन्य फसलों चना, मटर, मसूर, अरहर को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि खेतो में पानी भरने से आलू के पौधो में सड़न होने व आलू में रोग लगने की संभावना भी गहरा गयी है। आलू की फसल में नुकसान देखकर आलू किसानों के भी होश उड़े हुए है। चार दिनों से लगातार हो रही बारिश ने आम लोगो की जान भी

खेत में भरा पानी।

सांसत में डाल दी है। बारिश के बीच बिजली की आंख मिचौली भी जारी है। फाल्ट से कई मोहल्लों को चार से लेकर 12 घटने तक की कटौती झेलना पड़ा। बारिश की वजह से घरों से बाहर निकलने में लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। सड़कों पर कीचड़ फैलने से पैदल व दो पहिया वाहनों को तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बूंदाबांदी से आम जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है वहीं किसानों के लिए भी आफत है। मौसम विभाग की माने तो पिछले चार दिनों से मौसम के बिगड़े मिजाज़ से अभी निजात मिलती हुई नहीं दिखाई दे रही। कृषि विज्ञान केंद्र थरियांव के मौसम वैज्ञानिक सचिन कुमार शुक्ला ने बताया कि आगामी तीन दिनों में जनपद के कुछ स्थानों पर बादलों के साथ हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है जिसमें बीच-बीच धूप भी खिलती रहेगी। 12 जनवरी से मौसम साफ होने के आसार है।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages