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Friday, January 21, 2022

कोरोना और चुनाव यूपी में चोली दामन का साथ .............

देवेश प्रताप सिंह राठौर

....... जब योगी आदित्यनाथ जी को गोरखपुर से विधानसभा चुनाव लड़ने के बीजेपी पार्टी का आदेश हुआ उसमें सपा के मुखिया अखिलेश यादव कह रहे थे योगी जी की घर वापसी हो गई अब स्वयं करहल मैनपुरी से चुनाव लड़ने की संभावनाएं पूरी हो चुकी है अब यह भी तो अपने घर पर ही चुनाव लड़ रहे हैं मुलायम सिंह वहां से सांसद उनके पिताजी, और मैनपुरी पुराना गड़ है मैनपुरी कन्नौज एटा इटावा यह सब समाजवादी पार्टी के अच्छे गढ़ माने जाते हैं।मैं ही आज को रोना और उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में चोली दामन के साथ के बारे में बताना चाहता हूं जबसे को रोना उत्तर प्रदेश में और भारतवर्ष में प्रवेश किया है, उत्तर प्रदेश में 2 चुनाव हो चुके हैं पहला जिला पंचायत और दूसरा होने जा रहा है जिला पंचायत में क्या स्थित रही है पूरे आंकड़े तो ऑनलाइन प्राप्त हुएहै ,हजारों


की संख्या में लोगों की मृत्यु हुई है, सावधानी और सही दिशा निर्देश से कुछ उपचार से जाने बचाई जा सकती थी उन्हें जिला प्रशासन की लापरवाही के कोप का सामना होना पड़ा और उन्हें चुनाव की ड्यूटी करने और नौकरी जाने का चेतावनी दी गई कोरोना काल में संक्रमित होते हुए भी नौकरी की और मौत के काल में समा गए ऐसे मेरे सामने आए मुझे बड़ा विडंबना हुई अगर जिला प्रशासन उसकी बातों को ध्यान देता उसकी को रोना जांच के लिए सैंपल भेजता जो हालात उसके थे बुखार सर्दी कमजोरी आदि बहुत से ग्रस्त था लेकिन सुनने की जरूरत नहीं समझी और 18 अप्रैल को मृत्यु के काल में चला गया, उत्तर प्रदेश में चुनाव पर चुनाव हो रहे हैं करुणा का समय है बात जब हम नियम की करते हैं जब हम किसी सक्षम अधिकारी जहां पर मीटिंग अटेंड करते हैं जिस मीटिंग हॉल में मीटिंग होती है मैंने वहां का दृश्य देखा मीटिंग लेने वाले तो सोशल डिस्टेंस बनाकर मंच पर बैठे हैं और जहां मीटिंग हो रही है एक एक कुर्सी में दो दो लोग बैठे हुए हैं यह कैसा सोशल डिस्टेंस है बहुत सीधी करते हैं दिक्कतों के बावजूद आज का इंसान भी नियमों का पालन नहीं कर रहा है मैं किसी को जिम्मेदार नहीं ठहरा ता हूं परंतु हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कुरौना में बचाव करने की जरूरत है,उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है और चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं कोरोना की लगातार तेज हो रही लहर की वजह से इस बार विधानसभा चुनाव में चुनाव प्रचार का पैटर्न बदल गया है, चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों की चुनावी रैलियों पर रोक लगा दी है,डोर टू डोर के साथ वर्चुअल तरीके से चुनाव प्रचार करने की हिदायत दी हैl चुनाव आयोग  ने आचार संहिता लागू होने के साथ ही साथ 15 जनवरी तक तमाम तरह की रैलियों पर रोक लगा दी थी इसे अब बढ़ाकर आगामी 22 जनवरी तक कर दिया गया हैlचुनाव आयोग के निर्देश के बाद तमाम राजनीतिक दल एक तरफ जहां डोर टू डोर जाकर प्रचार कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ प्रचार के वर्चुअल तरीके भी अपनाए जा रहे हैं तमाम राजनीतिक दल सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हो गए हैं और मीडिया के माध्यम से अपनी बात लोगों तक पहुंचा रहे हैं आजतक की टीम ने उत्तर प्रदेश के कई बड़े शहरों में पड़ताल की और यह जानने की कोशिश की कि चुनाव आयोग की सख्ती के बाद राजनीतिक दल किस तरह से प्रचार प्रसार कर रहे हैंl चुनाव आयोग ने रैलियों पर रोक लगाई है यह रैली और आगे बढ़ेगी या नहीं जाने वाला कुछ घंटों में जानकारी प्राप्त हो जाएगी।

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