आदिवासी संस्कृति व लोककलाओं के संरक्षण का मंच होगा पाठा महोत्सव : गोपाल - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Sunday, December 5, 2021

आदिवासी संस्कृति व लोककलाओं के संरक्षण का मंच होगा पाठा महोत्सव : गोपाल

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। अखिल भारतीय समाजसेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित पुरातन साथी मिलन समारोह मानिकपुर में संपन्न हुआ। इस दौरान पुरातन साथियों ने संस्मरण बताए। छोटेलाल ददरी ने बताया कि संस्थान के स्थापना काल से ही साथ जुड़े। उन दिनों पाठा का कोल आदिवासी समुदाय गुलामी का जीवन जी रहा था। उनकी जमीनें, बहु बेटियां सब दादुओं के यहां गिरवी पड़ी थी। उनको मुक्त कराना तथा उनको अधिकार दिलाना बहुत ही कठिन कार्य रहा, परंतु संस्थान के संस्थापक गोपाल भाई के नेतृत्व में संघर्ष कर इस लड़ाई पर विजय पाई गई। रामशिरोमणि ने बताया कि ग्राम प्रधान बन कर सेवा करने का अवसर संस्था की बदौलत मिला है। बांदा के जिला पंचायत सदस्य सदाशिव ने बताया कि 2003 में संस्थान में जुड़कर कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ। वहां के समुदाय के बीच लगातार संस्थान के प्रति ईमानदारी से समुदाय में जागरूकता का काम किया।

पौधा भेंट करते महंत।

कार्यक्रम में कामतानाथ प्रमुख द्वार के महंत मदन गोपाल दास ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम होते रहें। यह नए साथियों को प्रेरणा प्रदान करेगा। आने वाली बाधाओं से लडने का साहस भी देगा। उन्होंने संस्थान के पुरातन साथियों को पौधे प्रदान किए। निदेशक राष्ट्रदीप व संतोष ने महंत को अंगवस्त्र भेंट किया। कार्यक्रम में आए हुए साथियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए संस्थापक गोपाल भाई ने कहा कि संस्मरण लिख कर देना चाहिए। ताकि उसको एक पुस्तक के रूप में लाया जा सके। इस मौके पर पुरातन साथियों ने सामूहिक निर्णय लेते हुए पाठा महोत्सव मानने का संकल्प लिया। इस मौके पर विजय, संजय, गजेंद्र, शुभम, अंशिता, भारती, विश्वदीप सहित कार्यकर्ता मौजूद रहे।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages