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Thursday, December 16, 2021

सेनेटरी नैपकिन को है पैडमैन का इंतजार

दो साल से बंद पड़ी सेनेटरी नैपकिन यूनिट

डंप सेनेटरी नैपकिन के रख-रखाव में हो रहा खर्च 

खागा/फतेहपुर, शमशाद खान । ऐरायां ब्लाक परिसर में पंचायत उद्योग कार्यशाला भवन में संचालित सेनेटरी नैपकिन यूनिट को दोबारा चालू करने के लिए विभागीय हरी झंडी का इंतजार हो रहा है। नैपकिन यूनिट बीते दो साल से बंद है। वर्ष 2012-13 में दस लाख रुपये की पूंजी से यूनिट का संचालन शुरू हुआ था। यहां पर प्रतिदिन 500-600 पीस सेनेटरी नैपकिन तैयार होती थी। अच्छी खासी खपत व मांग होने के चलते यूनिट संचालन में कोई समस्या नहीं थी। वर्ष 2018 में छह वर्ष का आडिट न होने से यूनिट बंद करा दी गई।

दोबारा यूनिट को चालू करने के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों की हरी झंडी का इंतजार किया जा रहा है। अभी तक कोई दिशा-निर्देश इस संबंध में नहीं मिल सका है। यूनिट की मशीनें तथा लाखों रुपये कीमत का तैयार माल कमरे में बंद है। यूनिट की देखरेख करने वाले विभागीय कर्मचारी बताते हैं कि सबसे अधिक मुश्किल डंप सेनेटरी नैपकिन को खराब होने से बचाने में आ रही है। मजदूरों की मदद से डंप बोरियों को समय-समय पर बाहर निकालकर इन्हें रखवाना पड़ता है। खराब पैकेट को खोलकर रि-पैकिंग कराने में हजारों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। कार्यशाला प्रभारी विपिन तिवारी ने बताया कि तमाम पैकेट खराब होने की स्थिति में नष्ट कर दिए गए। गोदाम में अभी भी 130 बोरी सेनेटरी नैपकिन जिसकी कीमत 1.95 लाख रुपये है, डंप पड़ी हुई हैं। विभागीय कर्मचारी ने बताया कि एक लाख रुपये कीमत का कच्चा माल भी रखा है।

ऐरायां ब्लाक परिसर।

शिक्षा, स्वास्थ्य व कारागार विभाग से आते थे आर्डर

कार्यशाला प्रभारी ने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य तथा जिला कारागार में सेनेटरी नैपकिन की अच्छी खासी खपत थी। जब यूनिट चालू थी, प्रति महीने लाखों रुपये का टर्न-ओवर होता था। जब से यूनिट बंद हो गई, डंप पड़ी सेनेटरी नैपकिन को ही सुरक्षित रखने में हजारों रुपये खर्च हो रहे हैं। दोबारा यूनिट चालू किए जाने के साथ ही उपरोक्त विभागों को एक बार उच्चाधिकारियों के माध्यम से निर्देशित कर दिया जाएगा तो कोई समस्या नहीं होगी।

खाते में 13 लाख रुपए की जमा पूंजी

कार्यशाला प्रभारी ने बताया कि दोबारा यूनिट को चालू करने में आर्थिक समस्या नहीं होगी। आडिट के बाद भी दोबारा इसे नहीं चालू किया जा रहा है। वजह नहीं साफ है, इसके बावजूद यूनिट के खाते में 13 लाख रुपये की धनराशि है, जिसके सहारे इसे बेहद आसानी से चालू किया जा सकता है।


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