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Saturday, December 18, 2021

ग्रीन हर्बल औषधियों से कारागार के बंदियों को इलाज की दी जानकारी

फतेहपुर, शमशाद खान । जिला कारागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें पुलिस योजना निदेशक डॉ. केएन सिंह ने कारागार प्रांगण में बंदियों को कोविड-19, शुगर, आंखों की बीमारी इत्यादि से निजात दिलाने के औषधीय उपाय बताए।

योजना निदेशक डॉ. केएन सिंह ने कहा कि कोरोना व सभी तरह के फंगस, डेंगू, बुखार, जीका वायरस, समस्त बुखार तथा अन्य शारीरिक रोगों के लिए ग्रीन हर्बल इलाज के लिए 4-5 हरे पूर्ण विकसित पीपल के पत्ते, एक मुट्ठी हरे लटजीरा के पत्ते, एक लौंग, एक छोटी पीपरी, तीन या चार काली मिर्च, एक चम्मच त्रिफला चूर्ण एवं काला नमक अथवा सेंधा व सादा नमक मिलाकर सुबह शाम चबाकर या पीसकर खाया जाए या इसकी दोगुनी मात्रा का काढा बनाकर एक ढक्कन या एक चम्मच एक-एक घंटे के अंतराल में पिया जाये तो सभी प्रकार के संक्रामण रोग जड़ से ठीक होते है। निरंतर सेवन करने से भविष्य में कोई रोग नहीं होगें। बताया कि प्रतिदिन एक व्यक्ति को स्वस्थ रहने

बंदियों को हर्बल औषधियों की जानकारी देते निदेशक डा. केएन सिंह।

के लिए 11 सौ लीटर शुद्ध वायु का सेवन करना चाहिए। कम वायु सेवन से फेफडे सुकड़ जाते है तथा स्वास रूकने से मृत्यु होती है। मानसिक तनाव से मुक्त होने के लिए बताया कि जीभ को 145 डिग्री गले की ओर मोड कर तालू में टच करें एवं मुख को साधारण अवस्था में बिना दबाव के बंद कर दोनों भौं के बीच त्रिकुटी में ध्यान लगाकर आखें बन्द करके योग निद्रा में शव आसन पर सोने से एक घंटे में दस घंटे से अधिक की नींद हो जाती है। श्री सिंह की बातों को बंदियों ने ध्यानपूर्वक सुना तथा उपरोक्त औषधि एवं आसन को अपने जीवन में उतारने को कहा। जेलर सुरेश चन्द्र व प्रभारी अधीक्षक ने डॉ0 केएन सिंह का आभार प्रकट करते हुए औषधीय दवाओं, वनस्पतियों का नियमित रूप से सेवन करने की अपील की। इस मौके पर उप जेलर अंजनी कुमार, रविशंकर तिवारी, अक्षय प्रताप सिंह, सीमा सिंह, सर्किल हेड वार्डर भानू प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।


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