आपस में मिलकर तैयार कर ली अस्थाई गौशाला - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Monday, December 20, 2021

आपस में मिलकर तैयार कर ली अस्थाई गौशाला

पानी के लिए ग्रामीणों ने मिलकर खुदवाया तालाब 

खागा/फतेहपुर, शमशाद खान । विजयीपुर ब्लाक के गढ़ा ग्राम पंचायत में किसानों ने मिलकर एक अस्थाई गौशाला का निर्माण कर डाला। ग्राम पंचायत में सरकारी गौशाला निर्माण बीते एक वर्ष से अधर में लटका हुआ है। दिन-रात खेतों में घूमने वाले 40-45 बेसहारा गोवंश को लाकर ग्रामीणों ने अस्थाई गोशाला में रख दिया। मवेशियों के लिए चारा-पानी का बंदोबस्त करने के साथ ही ग्रामीण बारी-बारी से इनकी निगरानी करते हैं।

ग्राम पंचायत में एक साल पहले गौशाला निर्माण की नींव रखी गई थी। हरदासपुर गांव में तीन हेक्टेयर भूमि गौशाला निर्माण हेतु अधिगृहीत की गई थी। पंचायत चुनाव की वजह से निर्माण अधर में लटक गया। इधर नई पंचायत ने काम शुरू किया है। जिसकी रफ्तार धीमी होने की वजह से किसानों ने मिलकर रग्घूपुर गांव में एक अस्थाई गौशाला तैयार कर ली। ग्रामीणों का कहना था कि गढ़ा ग्राम पंचायत में सबसे अधिक अन्ना गौवंश घूम रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यमुना नदी पार करके बड़ी संख्या में गौवंश बांदा जनपद के गांवों से इधर आ जाते हैं। गौशाला न होने की वजह से किसानों को दिन-रात खेतों में अन्ना मवेशियों की निगरानी करनी पड़ती है। रग्घूपुर गांव में एक बाग को चारों ओर से कटीली तार व खंभे लगाकर अस्थाई गोशाला के रूप में तैयार कर लिया गया। सर्दी से बचाने के लिए यहां घासफूस का एक शेड बनाया गया है। हवा से बचाने के लिए पुराने बोरे सिलकर उन्हें बांधने के काम में ग्रामीण लगे हुए हैं।

गांव में बनाई गई अस्थाई गौशाला।

हफ्ते भर में बनी गोशाला

अस्थाई गोशाला बनाने में ग्रामीणों को दस दिन का समय लगा। गोशाला में ही एक तालाब बनाया गया है। किसानों ने मिलकर इसकी खुदाई की, साथ ही नजदीक लगे एक ट्यूबवेल से तालाब में पानी भरा गया। मवेशियों को पीने का पानी उपलब्ध कराने के साथ ही यहां पर नियमित रूप से किसान मवेशियों की देखरेख करते हैं।

किसानों की जुबानी

क्षेत्रीय किसान वीरेंद्र पाल ने बताया कि अन्ना मवेशियों से फसलें नहीं बच पाती हैं। गेहूं, धान, चना, सरसों, आलू तथा गन्ना आदि फसलों को अन्ना मवेशियों का झुंड बर्बाद कर देता है। अस्थाई गौशाला निर्माण से थोड़ी राहत मिली है। किसान मुकेश तिवारी का कहना रहा कि गोशाला में अन्ना मवेशियों खासकर गाय व बछड़ों को रखा गया है। इनके चारा-पानी व स्वास्थ्य का पूरा ध्यान दिया जाता है। बारी-बारी से लोग अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। किसान आशीष कुमार त्रिपाठी ने कहा कि बड़ी ग्राम पंचायत में कम से कम चार गौशाला होनी चाहिए। अभी तक एक भी गौशाला नहीं बनी है। हरदासपुर गांव में गौशाला का निर्माण जारी है। गौशाला में सभी मवेशियों को बाद में भेजा जाएगा। किसान दीपक कुमार तिवारी ने कहा कि गोशाला में रखे गए मवेशियों को कोई नुकसान न होने पाए, इसकी जिम्मेदारी निभाई जाती है। सर्दी के दिनों में विशेष ध्यान रखा जाएगा। एक पशु चिकित्सक को बुलाने पर सभी से राय ली जा रही है।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages