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Wednesday, December 15, 2021

कविताओं और गजलों के साथ शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

सीडीएस विपिन रावत और उनके शहीद साथियों को किया गया नमन 

नटराज संगीत महाविद्यालय में आयोजित किया गया कवि सम्मेलन एवं मुशायरा  

बांदा, के एस दुबे । मंगलवार की रात शहीदों के नाम रही। नटराज संगीत महाविद्यालय में राष्ट्रीय एकता पर आधारित कवि सम्मेलन में शहीद सीडीएस बिपिन रावत और उनके साथ शहीद हुए सैन्य अधिकारियों को कविताओं और गजलों के माध्यम से अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी गई। कवियों ने देश भक्ति पर आधारित कलाम भी सुनाए। पूरा माहौल भक्तिमय नजर आया। 

संगीत महाविद्यालय राष्ट्रीय एकता पर आधारित कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन अनुराग विश्वकर्मा, डाक्टर खालिद इज़हार, नज़रे

कवि सम्मेलन में बोलतीं कवियित्री आयुषी त्रिपाठी

आलम, अंजू दमेले के द्वारा किया गया। कवि सम्मेलन एवम मुशायरे में मुख्य अतिथि के रूप में एजाज़ अहमद एडवोकेट अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ, विशिष्ट अतिथि के रूप में सत्यदेव त्रिपाठी सचिव जिला अधिवक्ता संघ, शोभाराम कश्यप अध्यक्ष तिरंगा वितरण समिति मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि गुरु डाक्टर चंद्रिका प्रसाद दीक्षित ललित ने की। संचालन अनुराग विश्वकर्मा तथा नज़रे आलम ने किया। मुख्य अतिथि एजाज़ अहमद एडवोकेट, अध्यक्ष डाक्टर चंद्रिका प्रसाद दीक्षित ललित, डाक्टर सऊद उज़ जमा सादी जमा, सत्यदेव त्रिपाठी, शोभाराम कश्यप, डाक्टर धनंजय सिंह प्रबंधक नटराज संगीत महाविद्यालय डाक्टर खालिद इज़हार ने दीप प्रज्ज्वलित कर के कार्यक्रम की शुरुआत की। युवा कवयित्री आयुशी त्रिपाठी ने मां सरस्वती की वंदना पढ़ी। इसके बाद हथगाम फतेहपुर से आये शिवम हथगामी ने सौहार्द पर कलाम सुनाया- यही जुम्मन, यही अलगू, यही रमज़ान करते हैं, कभी घर जाओ इनके तो बहुत सम्मान करते हैं। लड़ाओ तुम भले शहरों में हिन्दू और मुसलमां को, हमारे गांव में मुंडन अभी रहमान करते हैं। प्रयागराज से आये कवि आशीष कवि गुरु ने पढ़ा, दिलों से भेद ये मज़हब का मिटाया जाए, यानी इंसान को इंसान बनाया जाए। अनुराग विश्वकर्मा ने सीडीएस विपिन रावत और उनके साथ शहीद हुए शहीदों को याद करते हुए पढा, लौट कर फिर न आने वाले सुन।दिल तेरा इंतेज़ार करता है। आयुशी त्रिपाठी ने देश भक्ति पर सुनाया, वंदेमातरम हो शब्द अंतिमक्षण मेरे मुख पर, मेरे भारत की खातिर खत्म मेरी जिंदगानी हो। डाक्टर खालिद इज़हार ने पढ़ा, बनके सच्चा राष्ट्रवादी काटी सारी जिंदगी, देश सेवा में हुई क़ुर्बान तुम्हारी ज़िंदगी। युवा कवयित्री दीपा पटेल ने अमर शहीदों की शान में सुनाया, ऐसे मां भारती के वीरों को, करती दीपा ये बांदा से कोटि नमन। शमीम बांदवी ने देश भक्ति पर कलाम सुनाया, हम जान तो दे देंगे सरहद की लकीरों पर, दुश्मन को कभी अपना कश्मीर नहीं देंगे। फिरोजाबाद से आये हास्य और व्यंग के शायर ज़ीरो बांदवी ने राजनीति पर कटाक्ष करते हुए पढ़ा, फटे जूतों पे पालिश हो रही है, नए वादों की बारिश हो रही है। इलेक्शन का ज़माना आ गया है, गधों की रोज मालिश हो रही है। कार्यक्रम में शोभाराम कश्यप ने बांदा के सैकड़ों वर्ष से चले आ रहे सौहार्द के बारे में बताया। डाक्टर व वरिष्ठ कवयित्री डाक्टर शबाना रफीक ने सफल कार्यक्रम के लिए आयोजन समिति और शायरों और कवियों को बधाई दी। विशिष्ट अतिथि सत्यदेव त्रिपाठी ने सौहार्द पूर्ण कार्यक्रम की सराहना की।

मुख्य अतिथि एजाज़ अहमद एडवोकेट अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज मे अच्छा संदेश देते हैं। ऐसे आयोजन होते रहना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कवि डाक्टर चंद्रिका प्रसाद दीक्षित ललित ने अपनी रचनाएं पढ़ने के साथ-साथ सभी शायरों और कवियों को आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। डाक्टर शेख सऊद उज़ ज़मा सादी ज़मा ने सभी साहित्यकारों की हौसला अफजाई की और आभार व्यक्त किया। इनके अलावा आलोक अज्ञानी झांसी, आकाश उमंग बाराबंकी, शिफा खान बांदा, संजय निगम अकेला बांदा, आदित्य कौशल बांदा, ज्योति सिंह राजपूत बांदा, रईस अहमद अब्बा बांदवी बांदा, विवेक उन्मुक्त आदि ने अपने अपने कलाम सुनाए। कार्यक्रम में अशोक दीक्षित एडवोकेट, राजकुमार राज, संजय काकोनिया, शिवानी तिवारी, रिजवान अली, रवि श्रीवास्तव, सलमान खान, डाक्टर धनंजय सिंह, लल्लू खान, सहित सैकड़ों साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। 


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