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Monday, December 13, 2021

सामूहिक विवाह में एकदूजे के हुए 398 जोड़े

नवदंपति को अधिकारियों ने दिया आशीर्वाद

बांदा, के एस दुबे । मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत पं.जेएन कॉलेज के मैदान में आयोजित सामूहिक विवाह में 398 जोड़े अग्नि को साक्षी मान जीवन भर साथ निभाने का वादा कर एक दूजे के हो गये। मंडल से लेकर जिले तक के उच्चाधिकारियों ने विवाहित जोड़ों को आशीष दिया।

सामूहिक विवाह समारोह में मौजूद आयुक्त

सामूहिक विवाह योजनांतर्गत कुल 700 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इस बार से शासन द्वारा शामिल होने वाले जोड़ों  के लिये अविवाहित होने का प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिये जाने के कारण यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। विवाह मंडप में 390 हिंदू जोड़ों का वैदिक रीति रिवाज के अनुसार गायत्री परिवार के पुरोहितों ने विवाह संपन्न कराया, जबकि 8 मुस्लिम जोड़ां की शादी निकाह पढ़वाकर मौलवियों ने संपन्न कराई। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत सभी जोड़ों को 51 हजार रुपया प्रदान रुपया भी प्रदान किया गया। इस मौके पर मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह, आईजी के.सत्यनारायण, जिलाधिकारी अनुराग पटेल व एसपी अभिनंदन समेत जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल, राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रभा गुप्ता व बीजेपी के नेताओं ने वर-वधू का आशीर्वाद प्रदान किया। 

महुआ ब्लाक से सबसे ज्यादा 112 जोड़े 

बांदा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत पं. जेएन कॉलेज में आयोजित सामूहिक विवाह में सबसे ज्यादा 112 जोड़े महुआ विकास खंड से शामिल हुए। सबसे कम 17 जोड़े बिसंडा ब्लॉक से शामिल हुए। बबेरू ब्लॉक से 45, कमासिन ब्लॉक  से 37, जसपुरा ब्लॉक  से 20, तिंदवारी ब्लॉक से 35, महुआ ब्लॉक से 112, नरैनी ब्लॉक  से 57, बिसंडा ब्लॉक से  17, बड़ोखर खुर्द ब्लॉक से 45 जोड़े शामिल हुए। इसी तरह नगर क्षेत्र में नगर पालिका परिषद् बांदा से 9, नगर पंचायत मटौंध से 16, बबेरू नगर पंचायत से 2 और तिंदवारी नगर पंचायत से 3 जोड़े सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल हुए।

अन्य अधिकारीगण, मौजूद नवदंपति

विवाह और निकाह एक ही पंडाल में 

बांदा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना अंतर्गत पं.जवाहर लाल नेहरू महाविद्यालय में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल भी कायम हुई। सामूहिक विवाह रचाये जाने को एक ही पंडाल के नीचे जहां ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हिंदू रीतिरिवाज से 390 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया, वहीं 8 मुस्लिम जोड़ों का निकाह इस्लामिक पद्धति के अनुसार कराया गया।


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