आयाह शाह विधानासभा से रीता पार लगा सकती हैं सपा की नैया - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Tuesday, November 30, 2021

आयाह शाह विधानासभा से रीता पार लगा सकती हैं सपा की नैया

पूर्व ब्लाक प्रमुख के जनता से जुड़ाव का पार्टी को मिल सकता है लाभ

2017 में पहली बार भाजपा ने दर्ज कराई जीत

फतेहपुर, शमशाद खान । विधानसभा चुनाव-2022 का बिगुल बजने में अब चंद महीने ही शेष बचे हैं। सरकार बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी जहां विकास कार्यां व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ब्रांड के सहारे अपनी चुनावी नैया पार लगाने की महत्वकांक्षा रखती हुई दिखाई दे रही है। वहीं सपा-बसपा व कांग्रेस अपनी सरकारों के दौरान किए गए कार्यां का हवाला देते हुए चुनावी समर में उतरने की तैयारी में हैं। लगभग 27 लाख की आबादी वाले जनपद में एक लोकसभा सीट एवं विधानसभा की छह सीटे हैं। वर्तमान में जनपद की सभी विधानासभा सींटो पर भाजपा का कब्ज़ा है जबकि सपा, बसपा व कांग्रेस मजबूत प्रत्याशियों के चयन प्रक्रिया के अंतिम दौर में ही है। बसपा को छोड़कर अभी तक किसी भी राजनैतिक दल ने अपने पत्ते तक नहीं

सपा नेत्री रीता प्रजापति।

खोले जबकि भाजपा अपने सीटिंग विधायकों के भरोसे चुनावी मैदान में जाने की जुगत में है। जनपद की 241 आयाह शाह सीट वैसे तो अपने आपमें महत्वपूर्ण स्थान रखती है। पिछड़ा वर्ग बाहुल्य इस सीट पर निषाद, लोधी, पाल और प्रजापति समुदाय की संख्या भी ठीक-ठाक है जबकि ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य जाति के वोटर भी है। परिसीमन के पश्चात वर्ष 2008 में नवसृजित हुई सीट से वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के विकास गुप्ता आयाह शाह विधानसभा से विधायक है। प्रत्याशियों की बात करें तो इस सीट से भाजपा की ओर से विकास गुप्ता, समाजवादी पार्टी की ओर से राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद पूर्व ब्लाक प्रमुख रीता प्रजापति, व कांग्रेस पार्टी से राजीव लोचन निषाद प्रमुख दावेदार माने जा रहे है। समाजवादी पार्टी की ओर से पूर्व ब्लाक प्रमुख सबसे प्रबल दावेदार के रूप में सामने आ रही है। असोथर ब्लाक प्रमुख रहीं रीता प्रजापति 2017 के पिछली विधानसभा चुनाव में भी अहम दावेदार मानी जा रही है लेकिन ऐन मौके पर बहुजन समाज पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी की सदस्यता लेने वाले वर्तमान विधायक एव पूर्व मंत्री अयोध्या पाल के सपा में शामिल होने से करण रीता प्रजापति का टिकट काटकर अयाह शाह विधानसभा से अयोध्या प्रसाद पाल को प्रत्याशी घोषित कर दिया गया था। चुनाव के ऐन मौके पर टिकट काटने के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से रीता प्रजापति की तैयारियों को दिखते हुए सरकार बनने के बाद समायोजित करने की बात कही गई थी लेकिन 2017 में सपा के चुनाव हारने के बाद रीता प्रजापति द्वारा लगातार क्षेत्र के मतदाताओं के संपर्क में रहने उनके दुख दर्द के समय साथ रहने का सिलसिला नहीं टूटा। विकास से कोसो दूर रहे इस विधानसभा क्षेत्र में रीता प्रजापति ने बतौर ब्लाक प्रमुख रहते हुए सड़कों के निर्माण समेत अनेक कार्य करवाए। लगातार जनता के बीच रहने के कारण रीता प्रजापति को सबसे अधिक जिताऊ प्रत्याशी समझा जा रहा है। आयाह शाह विधानसभा सीट के सृजित होने के बाद से लेकर 2017 तक बहुजन समाज पार्टी के कब्ज़े में रही सीट से पूर्व विधायक अयोध्या प्रसाद पाल विधायक एवं खेल मंत्री तक रहे। 2017 में पहली बार भाजपा ने इस सीट से जीत दर्ज कराते हुए पूर्व न्यायमंत्री के पुत्र विकास गुप्ता को विधानसभा भेजने का काम किया। विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद भी पूर्व ब्लाक प्रमुख रीता प्रजापति द्वारा लगातार क्षेत्र में सक्रियता बनाये रखी। निरंतर जनसम्पर्क की बदौलत 2022 के चुंनाव में अयाह शाह विधानसभा से समाजवादी पार्टी का परचम लहराने के लिये रीता प्रजापति अहम उम्मीदवार साबित हो सकती है। वहीं रीता प्रजापति की माने तो क्षेत्र में उनकी उपस्थिति के चलते समाजवादी पार्टी का जनाधार बढा है। यदि पार्टी उन पर विश्वास जताते हुए उम्मीदवार बनाती है तो वह जीत दर्ज करवाकर इतिहास बनाने का काम करेंगी।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages