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Wednesday, November 10, 2021

उर्दू शायर को हिंदी लेखक असगर वजाहत ने किया सम्मानित

साहित्य,संस्कृति एवं कला से ही बनती है पहचान

फतेहपुर, शमशाद खान । प्रख्यात कथाकार एवं नाटक लेखन से पूरी दुनिया में अलग पहचान बनाने वाले डॉ. असगर वजाहत ने उत्तर प्रदेश एवं बंगाल सरकार द्वारा हाल ही में पुरस्कृत मशहूर शायर जफर इकबाल जफर को उनके आवास जाकर शाल भेंट करते हुए सम्मानित किया। जफर इकबाल इस समय बिस्तर पर हैं। जिन लाहौर नहीं देख्या एवं कैसी आग लगाई जैसे कालजयी नाटक एवं उपन्यास सहित दो दर्जन से अधिक कहानी संग्रह, नाटक, उपन्यास, संस्मरण आदि के लेखक प्रख्यात साहित्यकार डॉ. असगर वजाहत फतेहपुर स्थापना दिवस के अवसर पर अपने शहर आए हुए हैं। उन्हें जैसे ही पता चला कि हाल ही में उत्तर प्रदेश एवं बंगाल उर्दू एकेडमी द्वारा पुरस्कृत उर्दू के जाने-माने शायर जफर इकबाल जफर तबीयत नासाज होने के कारण बिस्तर पर हैं, उन्होंने उनके

शायर को सम्मानित करते साहित्यकार डा. असगर वजाहत।

आवास जाकर उन्हें शाल भेंट किया और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। फतेहपुर की साहित्यिक धरोहर माने जाने वाले जफर इकबाल जफर के बारे में भले ही जिले के प्रशासन को कोई जानकारी न हो लेकिन दुनिया भर में हिंदी लेखक के रूप में ख्याति अर्जित कर चुके फतेहपुर जनपद के गौरव डॉ. असगर वजाहत ने उनके घर जाकर उनका हालचाल जाना और उन्हें सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने संचयन असगर वजाहत नाटक एवं कहानियां, संचयन असगर वजाहत संस्मरण एवं लेख तथा संचयन असगर वजाहत उपन्यास एवं आख्यान तीन महत्वपूर्ण किताबें भेंट कीं। मोम के लोग कड़ी धूप में आ बैठे हैं, आओ अब इनके पिघलने का तमाशा देखें जैसे मशहूर एवं अर्थपूर्ण पंक्तियां लिखने वाले जफर इकबाल जफर ने असगर वजाहत को अपना नया गजल संग्रह नमूद ए सब्ज़ भेंट किया। इस मौके पर कहानीकार जमाल अहमद, मोहम्मद अहमद, केके त्रिपाठी, सैयद अब्दुल्लाह, शायर कमर सिद्दीकी, जरगाम ज़ैदी, इशरत खान, शिवशरण बंधु, डॉ. वारिस अंसारी, शिवम हथगामी आदि अनेक गणमान्य मौजूद रहे।


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