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Tuesday, November 2, 2021

साधु-संतो का धरना खत्म, प्रशासन ने ली राहत की सांस

एसडीएम बोलीं - नहीं बनेगा वैकल्पिक मार्ग, कराई जा रही है सफाई

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। दीपदान मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कामदगिरी पर्वत के रास्ते से ही वैकल्पिक मार्ग बनाने का विरोध कर साधूसंत सुबह से ही धरने पर बैठ गये। लगभग दो घंटे तक चले धरने की जानकारी होते ही यूपी, एमपी जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। वैकल्पिक मार्ग यूपी क्षेत्र में आने के कारण चित्रकूट एसडीएम ने आश्वस्त किया कि अभी यह मार्ग नहीं बनाया जाएगा। वैसे इस स्थान पर प्रशासन सफाई करा रहा था।

धरने पर बैठे साधु-संतो को समझाते अफसर।

कामदगिरी परिक्रमा मार्ग के भरत मिलाप मंदिर के पास जलेबी वाली गली के पास भीड़ अनियंत्रित होती है। ऐसे में पहले से प्रशासन ने वहां से एक मार्ग खोही की ओर बनाया है। अब इस स्थान से ही कामदगिरी पर्वत के निचले हिस्से की ओर से लगभग छह सौ मीटर का मार्ग बनाने के लिए साफ सफाई प्रशासन ने शुरु कराई थी। मंगलवार की सुबह से ही इसका विरोध कर धर्मनगरी के कई संत महंत सनकादिक महराज, रामजी दास, बालक दास, रामबलिदास, तुलसीदास, कथा वाचक संत नवलेश दीक्षित, कथा वाचक बृजेंद्र शास्त्री के साथ कई हिंदु संगठन के पदाधिकारियों ने भरतमिलाप के पास ही धरने पर बैठ गये। सभी ने इस वैकल्पिक मार्ग को बनवाने का विरोध कर कहा कि इससे धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड होगा। परिक्रमा मार्ग का चौडीकरण के नाम पर वन विभाग की एनओसी का अडंगा लगाया जाता है अब प्रशासन कैसे वन विभाग के स्थान पर मार्ग बनाने लगा।

मौके पर पहुंची सदर एसडीएम पूजा यादव, सीतापुर चौकी प्रभारी रामवीर सिंह पुलिस बल के साथ धरना स्थल पहुंचे। साधू संतों से धरना खत्म कराने को कहा और उनकी मांग पर विचार का आश्वासन दिया। साधू संतों ने इस वैकल्पिक मार्ग को न बनाने की मांग की। जिस पर कहा गया कि यहां सफाई कराई जा रही है किसी नये मार्ग को नहीं बनाया जाएगा। इस आश्वासन के बाद साधू संतों ने धरना खत्म किया तब प्रशासन ने राहत की सांस ली।


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