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Tuesday, November 9, 2021

जन्म से पहले तय होता है मृत्यु समय : बाला जी

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। मऊ तहसील अंतर्गत यमुना रोड स्थित भैरव धाम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण जन्म लीला वर्णन किया गया। इस दौरान भक्ति संगीत की धुन पर श्रद्धालु जमकर झूमे। कथा व्यास बालो जी महराज ने कृष्ण जन्म लीला का प्रसंग सुनात हुए कहा कि अधर्म के नाश और धर्म की रक्षा के लिए भगवान का अवतरण होता है। मनुष्य को धर्म का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए और अपने निहित सदाचार में रहना चाहिए। कंस जैसे अत्याचारी के प्रकोप से जब धरती पर अधर्म का साम्राज्य स्थापित हो गया तो उसके नाश के लिए भगवान श्री कृष्ण का

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाते श्रोतागण।

अवतरण धरती पर हुआ। कृष्ण अपने भक्त को कभी निराश नहीं होने देते हां वे अपने भक्तों की परीक्षा अवश्य लेते हैं। कथा व्यास ने कहा कि जीव के जन्म लेने से पहले उसकी मृत्यु का समय निश्चित हो जाता है। इसलिए मनुष्य को चाहिए कि वे अपने इस अमूल्य जीवन में सत्कर्म के मार्ग पर चले। ये माया रूपी संसार एक जेल के समान ही है, क्योंकि जीवन विभिन्न मायावी बंधनों में बंधा है। इन बंधनों से मुक्ति के लिए भगवान की शरणागति और भजन आवश्यक है। कथा में मुख्य यजमान अल्पनारायण द्विवेदी, भारत भूषण द्विवेदी, जय भारत द्विवेदी, ओम द्विवेदी, गीतांश द्विवेदी, विवेक मिश्रा सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


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