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Tuesday, October 26, 2021

सिस्टम विकसित करें, तभी मिलेगा लक्ष्य : डीएम

राज्य पोषण मिशन के कार्य के नियोजन, क्रियान्वयन, निगरानी व अनुश्रवण की बैठक में दिए निर्देश

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में राज्य पोषण मिशन के कार्यों के नियोजन, क्रियान्वयन, निगरानी व अनुश्रवण के संबंध में डिस्ट्रिक्ट कन्वर्जेंस प्लान कमेटी की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।

बैठक में वजन अभियान में चिन्हित सैम बच्चों की बेसिक उपचार, फालोअप की समीक्षा की। संभव अभियान के अंतर्गत जिला अस्पताल में चिन्हित तीन सौ बच्चों के फॉलोअप की प्रगति, पुरस्कार के लिए नामांकन पर चर्चा, समीक्षा, मूल्यांकन परीक्षा के आधार पर  चयनित प्रतिभागियों के नाम, 16 से 30 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण माह में बच्चों के वजन की सूचना, जिला अस्पताल में जांच की प्रगति, पोषण अभियान के अंतर्गत गतिविधियों के क्रियान्वयन को जारी बजट की कार्य योजना उपलब्ध कराने की प्रगति पर चर्चा, आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत

बैठक में निर्देश देते डीएम।

लाभार्थियों को नवीन व्यवस्था के अंतर्गत सूखा राशन वितरण, पंजीकृत लाभार्थियों की संख्या, डीआई के अनुसार लाभार्थियों की संख्या, पोषण वाटिका बनाने की प्रगति, सत्यापन की स्थिति, पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों का संदर्भन एवं उपचार पूर्व में दिए गए निर्देशों का अनुपालन, महानिदेशक राज्य पोषण मिशन के जारी कन्वर्जेंस एक्शन प्लान के क्रियान्वयन के संबंध में समीक्षा हुई। उन्होंने कहा कि कर्वी में सबसे ज्यादा सैम मैम बच्चे हैं। जिसका उपचार टीम बनाकर किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में ढाई किलो से कम वजन के बच्चे हैं वहां के सीडीपीओ व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की जवाबदेही होगी। जहां पर सैम मैम बच्चे नजर में नहीं आ रहे हैं उसके लिए रेंडम जांच कर निरीक्षण करे। मुख्य विकास अधिकारी अमित आसेरी ने कहा कि फील्ड में जाकर जांच फोटो भी भेजें। जिलाधिकारी ने कहा कि जो बच्चे सैम मैम जन्म ले चुके हैं उनको सही करना दायित्व है और आने वाले के बारे में अग्रिम सोच रखनी है। इस कार्य में जो अच्छा कार्य करेगा उसको पुरस्कृत किया जाना है। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल की व्यवस्था अच्छी हो। सफाई, खानपान आदि तभी लोग आएंगे। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की ट्रेनिंग कराया जाए। जिससे कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि इन सबको प्रशिक्षण देना आवश्यक है। सैनिक तो बहुत होते हैं लेकिन उनको चलाने के लिए जरूरत होती है। इस विभाग में बहुत लोग हैं फिर भी कार्य को नहीं कर पा रहे हैं। सिस्टम विकसित करना होगा। तभी लक्ष्य की प्राप्ति होगी। इस अवसर पर डीसी एनआरएलएम सुदामा प्रसाद, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


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