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Sunday, May 2, 2021

निजात के अशरे में अल्लाह की इबादत कर गुनाहों से करें तौबा: कारी फरीद

कोविड-19 महामारी के खात्मे के लिए अल्लाह से मांगे दुआ 

फतेहपुर, शमशाद खान । रमजान को अल्लाह तआला ने रहमतों व बरकतों का महीना बनाया है। इस पूरे महीने में अल्लाह ने रहमतों व बरकतों के लिए कई अवसर बंदों के लिए प्रदान किये हैं। यह बात काजी शहर कारी फरीद उद्दीन कादरी ने कही। उन्होने कहा कि रहमतों व मगफिरत का अशरा खत्म होने वाला है। निजात का अशरा चार मई से शुरू हो रहा है। लिहाजा बचे हुए दिनों में समाज के लोगों को चाहिए कि अल्लाह की इबादत करके अपने गुनाहों से तौबा करें तथा मुल्क में फैली कोविड-19 की जानलेवा महामारी के खात्मे के लिए दुआ मांगें और इ स निजात वाले अशरे में जो अपने गुनाहों की माफी न करा सका वह इंसान बदनसीब कहलायेगा क्योंकि पता नहीं अगले साल ये महीना हमें नसीब होगा कि नहीं। 

काजी शहर कारी फरीद।

काजी शहर श्री कादरी ने कहा कि इस अशरे की अपनी विशेषताएं हैं। इसमें शबेकद्र और एतेकाफ को अल्लाह  ने अपने बंदों को तोहफे के तौर पर दिया है। अल्लाह के बंदे इस दिनों में ज्यादा से ज्यादा इबादत करके गुनाहों से तौबा करते हैं। एतेकाफ अरबी भाषा का शब्द है। जिसका अर्थ ठहर जाने और खुद को रोक लेना है। एतेकाफ रमजान के अन्तिम दस दिन इबादत के लिए मस्जिद में ठहरे रहने को कहते हैं। रमजान की बीसवीं तारीख को सूरज डूबने से पहले 29 या 30 तारीख यानी जिस दिन ईद का चांद नजर आये तब तक पुरूष पाबंदी से बैठे और हर पल रब की इबादत में व्यस्त रहने का नाम एतेकाफ है। उन्होने कहा कि अल्लाह तआला ने रमजान के इसी अशरे में पैगम्बरे इस्लाम पर कुरआन-ए-पाक नाजिल फरमाया और आखरी अशरे में शबेकद्र जैसी रात बनाकर अल्लाह ने हम गुनेहगारों पर बहुत बड़ा एह सान किया हे। इस रात की फजीलत का हदीसों में बहुत बड़ा महत्व है। इसमें पांच रातों का जक्र है। इनमें ही शबेकद्र को तलाश करने की ताकीद की गयी है। यानी 21, 23, 25, 27 व 29 तारीख की रात में ही शबेकद्र होती है। इन रातों में ज्यादा से ज्यादा इ बादत के जरिये बंदे अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी व मगफिरत तलब करते हैं लेकिन अक्सर लोग इन रातों को लापरवाही में गुजार देते हैं। काजी शहर ने मुस्लिम समाज के लोगों से अपील किया कि रमजानुल मुबारक के महीने में इस मोह लिक बीमारी से निजात के लिए दुआ मांगे और साथ में लोगों की मदद भी करते रहें। बिला वजह घर से बाहर हरगिज न निकलें और अगर बाहर निकलने की जरूरत पेश आ रही है तो मास्क लगाकर जायें और घर में वापस आने के बाद हाथ व मुंह को अच्छे से धोएं अपना भी ख्याल रखें और अपने खानदान वालों का भी ख्याल रखें। अल्लाह तआला सभी को इस मोहलिक बीमारी से महफूज फरमाये। 


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