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Monday, May 3, 2021

जमाखोरी से मेडिकल स्टोरों पर जीवन रक्षक दवाइयों का टोटा

दहशत में जरूरत से अधिक दवाईयों की खरीद रहे लोग

फतेहपुर, शमशाद खान । कोरोना का ज्यों ज्यों रौद्र रूप सामने आ रहा है सरकार द्वारा रोकथाम के प्रयास और बचाओ की तरकीब के बीच मेडिकल स्टोरों से दवाइयां भी कम होती जा रही है। मांग के हिसाब से आपूर्ति न होना व कोरोना महामारी के इस दौरान लॉकडाउन के समय दवाइयों की अचानक जरूरत की सोचकर लोग आवश्यकताओं से अधिक दवाइयों की खरीदकर उसका स्टॉक कर रहे है। लोगों की यह जमाखोरी आम आदमियों के लिये समस्या बनती जा रही है। बाजार से गायब होने के कारण लोगों को यह दवाएं उपलब्ध नहीं हो रही। 

जनपद व गैर जनपद में भी सामान्यतः प्रयोग होने वाली दवाइयां लगभग सभी मेडिकल स्टोरों पर मिल जाती हैं। कुछ विशेष दवाइयों को भी मेडिकल स्टोरों में नोट करवाने की व्यवस्था है। जिसे मेडिकल स्टोर संचालकों द्वारा अगले दिन उपलब्ध करवा दिया जाता है। नियमित दवाइयों का सेवन करने वालों के लिये अधिकतर दवाइयां

 जमाखोरी से मेडिकल स्टोरों पर जीवन रक्षक दवाइयों का टोटा

उनके लिये जीवन रक्षक दवाइयां जैसी ही होती है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के अलावा रक्तचाप मधुमेह, थायरायड जैसे रोगों से पीड़ितों को लगातार दवाइयों का सेवन करना होता है। इसके अलावा सर्दी, बुखार, पेट दर्द जैसी सामान्य दवाईओ व सर्जिकल आदि के केस वालों की दवाइयां होती है जो कि अल्प अवधि के लिये इस्तेमाल की जाती है। कोविड-19 के सेकेंड स्ट्रीम की गंभीरता और लगातार संक्रमण की बढ़ोत्तरी ने लोगों के दिलो में दहशत भर दी है लोगों के लागतार संक्रमित होने का सिसलसिल थमने का नाम नही ले रहा है। दूसरी ओर बिना किसी टेस्ट और लक्षण वाले व्यक्तियों की सांस लेने की दिक्कत से होने वाली मौतों ने लोगो के माथे पर चिंता की लकीरें गहरा दी है। कोविड मरीजों को सुगमता से इलाज मिल सके। इसके लिये सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बन्द है। राजकीय डॉक्टरों की देखा देखी अब निजी चिकित्सकों ने भी ओपीडी या तो बन्द कर रखी है या फिर सीमित कर दी है। ऐसे में नियमित मरीजों को इलाज में दिक्कत हो रही है और वह दवाई कराने के लिये झोलाछापों या मेडिकल स्टोरों के ही भरोसे है। कोविड संक्रमण का असर कहा जाये या मौसम का मिजाज। लगभग सभी के घरो में खांसी जुखाम बुखार के मरीज हैं। जिनका इलाज भगवान भरोसे इन्ही सिस्टम के दम पर ही चल रहा है। ऐसे में मेडिकल स्टोरों से दवाइयों की खरीद बढ़ गयी है। मेडिकल स्टोरों में दवाइयों की जबरदस्त किल्लत देखने को मिल रही है। रोडवेज बस स्टॉप के समीप राम मेडिकल एजेंसी के संचालक राकेश वर्मा ने बताया कि लॉकडाउन होने की वजह से दवाइयों के आने में समस्या आ रही है। कुछ एक दवाइयां की ऊपर से भी कम सप्लाई मिल रही है। लोगों की आवश्यकताओं से अधिक दवाइयों की खरीद की वजह से भी दवाइयों की कमी सामने आ रही है। वहीं फतेहपुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि सुगर, बीपी, हार्ट आदि में काम आने वाली दवाइयां जैसे ग्लाइकोमेट, ग्लाइकोमेट 0.5, ग्लाइमेट एमएक्स एवं चिकित्सकों द्वारा पैरासीटामाल डोलो 650, कालपाल समेत कई दवाइयों की खपत बढ़ गई है। इसके अलावा खांसी के सीरप आदि की मांग अधिक है। मेडिकल्स स्टोरों पर दवाइयां उपलब्ध हैं। संगठन की ओर से प्रतिदिन तीन वाहनों के जरिए कानपुर से दवाइयों को मंगाया जा रहा है। आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता के लिये संगठन प्रयास कर रहा है। वहीं जिला प्रशासन द्वारा भी दवाइयों की उपलब्धता पर नजर रखी जा रही है।


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