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Tuesday, May 4, 2021

क्या-क्या कमाल करके दिखाती हैं बेटियां

सबसे कम उम्र की प्रधान बनीं वंदिता व अंशिता 

फतेहपुर, शमशाद खान । त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार कई ग्राम पंचायतों में मतदाताओं ने युवा चेहरों को जहां तरजीह दी है वहीं हथगांव विकास खण्ड की ग्राम पंचयत सरौली में सबसे कम 21 वर्षीय वंदिता मौर्या ने चुनाव में जीत दर्ज की है। वहीं तेलियानी विकास खण्ड की भैरमपुर सीट से 26 वर्षीय अंशिता शर्मा ने भी चुनाव जीता है। अंशिता शर्मा का पीसीएस की तैयारी कर देश सेवा करने का सपना है। फिलहाल उन्होने गांव का विकास कराने की ठानी है। 

सरौली व भैरमपुर ग्राम प्रधान।

बताते चलें कि हथगांव विकास खण्ड की सभी पचहत्तर ग्राम पंचायतों में से सरौली ग्राम पंचायत ने सबसे कम उम्र की प्रधान बनाने का गौरव हासिल करने वाली वंदिता मौर्या की उम्र अभी 21 वर्ष है। उनके पिता सुरेंद्र प्रधान रह चुके हैं। खास बात यह है कि समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष की मां भी यहीं से प्रधान रही हैं। चुनाव में इस बार दबंग लोगों को जनता ने लगभग नकार दिया। सत्ता पक्ष को भी जनता ने करारा जवाब दिया है। पूर्व प्रधान सुरेंद्र कुमार मौर्य ने अपनी 21 वर्षीय पुत्री वंदिता मौर्य को चुनाव मैदान में उतार कर सबको हैरत में डाल दिया क्योंकि उस उम्र में प्रधानी का चुनाव लड़ना आसान नहीं होता। जब बच्चों की पढ़ने लिखने की उम्र हो। वंदिता मौर्य ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को 99 वोट से हराकर सबसे कम उम्र की प्रधान बनने का गौरव हासिल किया। उधर तेलियानी विकास खण्ड के उमरापुर गांव की रहने वाली 26 वर्षीय अंशिता शर्मा ने भी ग्राम पंचायत चुनाव लड़कर जनता की सेवा करने की ठानी थी। उन्होने भैरमपुर ग्राम सभा से अपना पर्चा दाखिल किया था और अपने निकटतम प्रतिद्वन्दी को 21 वोटों से हरा दिया। कम उम्र में ही इन दोनों युवतियों ने यह साबित कर दिया कि बेटियां भी क्या-क्या कमाल कर सकती हैं। चारों ओर इन बेटियों की जहां प्रशंसा हो रही है वहीं लोगों को आस है कि ये बेटियां ग्राम पंचायत का विकास करायेंगी और भ्रष्टाचार को पनपने नहीं देंगी। अंशिता शर्मा का सपना है कि वह भविष्य में पीसीएस क्वालीफाई करने देश सेवा करेंगी।


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