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Tuesday, May 4, 2021

पुलिस ने जबरन बना दिया छोटे भाई का हत्यारा

पांच दिन पहले बाघा में बारात के दौरान हुई थी घटना

पुलिस ने मनचाही रिपोर्ट लिख करा लिए पिता के हस्ताक्षर

बांदा, के एस दुबे । पाँच दिन पहले बिसंडा थाना क्षेत्र के नगलापुरवा बाघा गांव मे बारात के दौरान चली गोली से हुई अधेड़ की मौत के मामले में पुलिस ने मृतक के पिता की एक न सुनी। जीवित रहते मृतक के बयान तक नहीं लिए और बडे़ भाई को ही हत्यारा घोषित कर जेल भेज दिया। इस मामले की लिखित शिकायत मंगलवार को परिजनों ने डीआईजी और एसपी से कर मामले की जांच दूसरे सक्षम थानाध्यक्ष से कराए जाने की मांग की गई है।

बता दें कि बीती 30 अप्रैल को पहाड़ी (चित्रकूट) थाना क्षेत्र के ओरा गांव से सर्वेश पुत्र इंद्रजीत यादव की बारात बिसंडा थाना क्षेत्र के नगला पुरवा मौजा बाघा आई थी। यहां डीजे मालिक विकास कुशवाहा से गाना बजाने को लेकर बारातियों से विवाद हो गया था। बाद में गोली चलने से राजेश पुत्र सुखनंदन की मौत हो गई। इस मामले में

आईजी को ज्ञापन देने आया पीड़ित पक्ष

बिसंडा पुलिस ने मृतक राजेश के बडे़ भाई छोटेलाल यादव को मुल्जिम बनाकर जेल भेज दिया। इस मामले को लेकर परिजनों ने डीआईजी से लिखित शिकायत कर बताया है कि विवाह समारोह में बारातियों का विकास कुशवाहा से विवाद हुआ था। विवाद के बाद विकास कुशवाहा गांव के डेढ़ दर्जन लोगों के साथ लाठी तमंचा लेकर आ गया। इसी दौरान किसी ने राजेश को गोली मार दी। घटना के बाद परिवार के लोग राजेश को गंभीर हालत में थाने लेकर पहुंचे। इसके बाद उनका पुत्र छोटेलाल राजेश को इलाज कराने कानपुर ले गया। रास्ते में राजेश की मौत हो गई। मृतक के पिता सुखनंदन पुत्र सहदेव का कहना है कि घटना के दो घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। तब तक उनका बेटा राजेश जिंदा था। पुलिस ने उसके बयान तक नहीं लिए। उनकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय थाना अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह ने अपने मन से रिपोर्ट लिखकर उस पर उनके हस्ताक्षर करा लिए। बाद में उन्हीं के बडे़ बेटे छोटेलाल यादव को हत्यारा बनाकर गिरफ्तारी दिखा दी और जेल भेज दिया। सुखनंदन का कहना है कि उसके दोनो बेटों राजेश और छोटेलाल के बीच किसी तरह का कोई विवाद नहीं था। डीआईजी को दिए शिकायती पत्र में सुखनंदन ने कहा है कि उन्हें बिसंडा थाना पुलिस पर भरोसा नहीं है। इस मामले की विवेचना दूसरे किसी सक्षम थानाध्यक्ष से कराई जाए। ताकि घटना के असली हत्यारों को गिरफ्तार किया जा सके।


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