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Thursday, May 6, 2021

पीएसी में धड़ल्ले से कटवाए जा रहे हरे पेड़

कोरोना संक्रमण काल में भी नष्ट किए जा रहे आक्सीजन के प्राकृतिक श्रोत

फतेहपुर, शमशाद खान । वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण काल में जब लगभग पूरे देश में आक्सीजन को लेकर हाय तौबा मची है, केन्द्र व प्रदेश सरकार एक एक यूनिट आक्सीजन की व्यवस्था करने में जुटा हुआ है और लगभग रोजाना कई हजार लोग दम तोड़ रहे है। जनपद भी इस महामारी से अछूता नहीं रहा और यहा भी इस महामारी ने हजारों लोगों को निगल लिया है और यह क्रम अभी भी जारी है, बावजूद इसके सरकारी तन्त्र इस मद में कतई गंभीर नहीं हैं। आक्सीजन के प्राकृतिक श्रोत हरे भरे पेड़ो को कटवाया जा रहा है। स्थानीय 12 वीं वाहिनी पीएसी में दशकों पुराने हरे पेड़ों को धड़ल्ले से कटवाया जा रहा है। पीएसी के पूर्व कमांडेंट के कार्यकाल में इन हरे भरे पेड़ो को कटवाने की पटकथा लिखी गई थी। जिस पर अब पीएसी कानपुर के एक प्रमुख अधिकारी की सहमति पर

पीएसी में कटा हुआ हरा पेड़।

काटवाया जा रहा है। अभी इस परिसर के दर्जनों और पुराने हरे भरे पेड़ो को कटवाया जाना है, जिन पर निशान लगवा दिए गए है। सवाल यह उठता है कि आखिर क्यों ऐसी अंधेरगर्दी हो पा रहीं हैं और इसके लिए जिम्मेदार और जवाब देह कौन है, ऐसे समय में जब आक्सीजन सिलेण्डर खुले बाजार में ब्लैक हो रहे हैं और आक्सीजन को लेकर हाहाकार मचा हुआ है तो फिर क्यों इन प्राकृतिक श्रोतो को काटा जा रहा है और ऐसे समय जब वास्तव में ये कितनो का जीवन बचा सकते हैं। मौके पर इन विशालकाय पेड़ों को आधुनिक मशीनों से कटवा रहे लोगों से जब पूछा गया तो सिर्फ इतना जवाब मिला कि बड़े साहब का आर्डर है। अब सवाल यह उठता है कि क्या बड़े साहब को मौजूदा हालातो का अहसास नहीं है। इस सन्दर्भ में जब 12 वीं वाहिनी पीएसी के कमांडेंट का अतिरिक्त प्रभार देख रहे एसपी का कहना है कि बीती रात उन्हे चार्ज मिला है, वे इसको गंभीरता से देखेंगे।


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