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Wednesday, April 28, 2021

जरूरतमंदों की मदद करना सभी की जिम्मेदारी: कारी फरीद

मालिके निसाब अपने माल की जकात निकालकर करें मदद 

जकात देने से माल में नहीं होती कमी 

फतेहपुर, शमशाद खान । मौजूदा हालात में जिस तरह कोविड-19 की दूसरी लहर मुल्क के तमाम शहरों में फैल चुकी है कई शहरों में हुकूमत कीं जानिब से टोटल लॉकडाउन किया गया है ऐसे हालात में जहां लोग बीमार होकर इस महामारी से लड़ रहे हैं वहीं लोगों के पास रोजगार भीं नहीं है ऐसे वक्त में जरूरतमंदो की मदद करना और उनकी जरूरतों को पूरा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। 

काजी शहर कारी फरीद उद्दीन।

यह बात काजी शहर कारी फरीद उद्दीन कादरी ने कही। उन्होने कहा कि रोजा व नमाज के साथ-साथ मालदार लोगों को चाहिए कि वो अपने माल की पुरी जकात जरूर निकालें। यदि मालिके निसाब (मालदार) अपने माल की जकात नहीं निकालता तो मैदाने महशर में उसका रोजा उसके मंुह पर मार दिया जाएगा। अगर आप मालिके निसाब (मालदार) हैं तो जकात कीं अदाएगी में ताखीर न करें और अपनी महबूब कमाई का 40 वां हिस्सा यानी ढाई प्रतिशत जकात निकाल कर अपना माल पाक करें। काजी शहर श्री कादरी ने कहा कि अल्लाह तआला ने जकात का हुक्म देकर अपने बंदों की खिदमत व मदद करने का मौका अता किया है। हम सभी को इस पर अम्ल करना चाहिये। लिहाजा मुस्लिम समाज के लोग माहे रमजानुल मुबारक में गरीबों, मिस्कीनों, जरूरतमंदों, मोहताजों व बेवाओ कीं मदद करे लेकिन सब से पहले अपने रिश्तेदारों में मजबूर व लाचार मुस्तहक तलाश करें और उनकी मदद करके दोगुने सवाब के हकदार बनें। जकात इस तरह से दे कि एक हाथ से दें तो दूसरे हाथ को पता भीं न चल सके। जकात देने से माल में कमी नहीं होती बल्कि माल पहले से भी बढ़ जाता है। लिहाजा जकात देने वाला ये यकीन रखे कि अल्लाह तआला इसका बेहतर बदला अता फरमाएंगा।


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