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Friday, April 16, 2021

सम्मान के साथ जीने के अधिकारी हैं कैदी: पांडेय

अपराध निरोधक समिति ने बैठक कर जेल के भ्रष्टाचार पर उठाये सवाल

शासन व प्रशासन से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की उठाई मांग

बांदा, के एस दुबे । उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति के जिला मंत्री एवं पदेन जेल पर्यवेक्षक बीपी पाण्डेय ने बताया कि जो व्यक्ति जेल में होता है, वह अपने अपराधों का समर्पण कर ही जेल में आता है। इसलिये हमे उनके मूलभूत अधिकारों को नकारने की चेष्टा नही करना चाहिए, कैदियों को जेल के अंदर या छूटने के बाद बाहर समाज में जाने पर सामान्य नागरिकों के समान पूरे सम्मान से जीने का हक मिलना चाहिये। क्योंकि कैदियों को सम्मान से जीने का अधिकार है।

पदेन जेल पर्यवेक्षक बीपी पांडेय

जेल पर्यवेक्षक श्री पाण्डेय ने बताया कि मण्डल कारागार में अवैध धनराशि की वसूली को लेकर प्रताड़ित करने के मामले में मण्डल कारागार में बंदियों को प्रताडित करके 20 हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से वसूले जा रहे है। बांदा जेल में भ्रष्टाचार चरम पर है। प्रदेश अपराध निरोधक समिति के पदाधिकारी उक्त घटना से आहत है और प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन से मांग की है कि इस प्रकार के कृत्यों को शीघ्र नियंत्रित कराते हुये मानवाधिकारों का पालन कराया जाये। ताकि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो सके। प्रदेश सरकार ने कारागारों को यातनाग्रह नही बल्कि सुधार ग्रह के रूप में स्थापित कराया है। ताकि जेलों में मानवाधिकार का हनन न हो। तभी कैदी खुद में स्वतः सुधारकर अपना आत्मिक उत्थान कर सकता है। कैदियों की स्थिति के बारे में जेल कर्मी स्वयं मनन करें कि उनकी जगह स्वयं को रखकर देंखे। ऐसा करके ही जेल व्यवस्था में अपेक्षित सुधार लाया जा सकता है। उन्होने अवगत कराया है कि जेल से छूटने वाले बंदियों की सूची कारागार से प्राप्त कर उन्हे मुक्तबंदी पूनर्वासन केन्द्र में शासन द्वारा कराया जाता है। ताकि अपराधी जेल से छूटने के बाद पुनः अपराध की ओर अग्रसर न हो।


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