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Wednesday, April 28, 2021

केन्द्रीय राज्यमंत्री ने आक्सीजन बंद होने पर चिकित्सा अधीक्षक को लगाई फटकार

निरीक्षण के पहले चार घण्टे पूर्व से बंद थी आक्सीजन 

अस्पताल में मची थी अफरा-तफरी, साध्वी के तेवरों से अधिकारियों के हाथ-पांव फूले

आक्सीजन की कमी से किसी भी मरीज की नहीं होनी चाहिए मौत: साध्वी 

फतेहपुर, शमशाद खान । वैश्विक महामारी कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है वहीं अन्य बीमारियों के मरीजों को भी इलाज के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। प्राइवेट नर्सिंग होमों में चिकित्सकों द्वारा इलाज न किये जाने पर अधिकतर मरीज जिला चिकित्सालय की शरण ले रहे हैं। जिसके चलते इन दिनों जिला अस्पताल के ट्रामा सेन्टर में बड़ी संख्या में मरीज भर्ती हैं। इनमें कुछ मरीजों को आक्सीजन की भी जरूरत है लेकिन अस्पताल प्रशासन द्वारा आक्सीजन सप्लाई में लगातार हीलाहवाली बरती जा रही है। बुधवार की सुबह चार घण्टे आक्सीजन बंद रहने से मरीज व तीमारदारों के बीच अफरा-तफरी मच गयी। उधर पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत जब केन्द्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, कारागार राज्यमंत्री जय कुमार सिंह जैकी जिला चिकित्सालय पहुंचे तो नजारा देखकर भौचक रह गये। केन्द्रीय राज्यमंत्री ने आक्सीजन बंद होने पर चिकित्सा अधीक्षक से सवाल-जवाब किये। सही उत्तर न मिलने पर उन्होने चिकित्सा अधीक्षक को जमकर फटकार लगायी। साध्वी के तेवरों से अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गये। 

चिकित्सा अधीक्षक से वार्ता करतीं केन्द्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति।

जिले की सांसद व भारत सरकार की ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, कारागार राज्यमंत्री जय कुमार सिंह जैकी, भाजपा जिलाध्यक्ष आशीष मिश्रा, भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष मधुराज विश्वकर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश बाजपेयी, अपर्णा सिंह गौतम, राम प्रताप गौतम जिला चिकित्सालय पहुंचे। केन्द्रीय राज्यमंत्री को इस बात की शिकायत मिल रही थी कि सदर अस्पताल में ऑक्सीजन बराबर रूप से नहीं चलाया जाता जिसकी वजह से मरीजों की स्थिति बदतर होती जा रही है। केन्द्रीय राज्यमंत्री ने जब अस्पताल में आक्सीजन की स्थिति देखी तो उन्हें पता चला कि सचमुच आज उनके पहुंचने से चार घंटे पूर्व से ऑक्सीजन बंद पड़े थे। साध्वी ने आनन-फानन वहां पर रखे हुए सिलेंडरों की जांच की तो सिलेंडर वहां पर कम प्राप्त हुए। बताया गया कि बाकी के सिलेंडर रिफिल होने के लिए मलवां ऑक्सीजन प्लांट भेजे गए हैं। तब भी 15-16 सिलेंडर इतने बड़े अस्पताल के लिए पर्याप्त नहीं है। सदर अस्पताल का प्रशासन समय से सिलेंडरों को रिफिल नहीं करवा पा रहे हैं। एक सरकारी वाहन है जो समय से आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। ऐसे में साध्वी ने अपने कार्यालय प्रमुखों से कहा कि एक गाड़ी की व्यवस्था उनकी तरफ से कर दी जाए। जो दो शिफ्ट में सिलेंडर रिफिल का काम करें। उन्होने आक्सीजन बंद होने पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0 प्रभाकर से सवाल-जवाब किये तो वह सही जवाब न दे सके। केन्द्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की लापरवाही कतई बर्दाश्त नही की जायेगी। मरीजों को अस्पताल में समुचित उपचार दिया जाये। अस्पताल में भर्ती किसी भी मरीज की आक्सीजन की कमी से मौत नहीं होनी चाहिए। उन्होने कहा कि जिले में आक्सीजन की किसी भी तरह से कोई कमी नहीं है। उन्होने कहा कि कहीं भी यदि धांधली की शिकायत उनके पास आयी तो अधिकारियों की खैर नहीं होगी। केन्द्रीय राज्यमंत्री के तेवरों से अधिकारियों के हाथ-पांव फूले रहे। इसके उपरांत साध्वी ने कोविड-19 को लेकर गांधी सभागार में जिलाधिकारी, सीएमओ व सीएमएस के साथ बैठक की। बैठक में साध्वी ने सदर अस्पताल को अधिक सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि सिलेंडर बढ़ा दिए जाएंगे। साध्वी जी ने यह प्रस्ताव रखा कि सदर अस्पताल के साथ ही एल-1 व एल-2 को भी और सिलेंडर उपलब्ध कराये जाएं। साध्वी ने सीएमओ से कहा कि सदर अस्पताल में डॉक्टर की संख्या कम है और डॉक्टर बुलवाएं। जिससे कोविड के अलावा अन्य बीमारियों का भी इलाज सुचारू रूप से चलता रहे। जिलाधिकारी ने साध्वी को बताया कि अगले दो-तीन दिनों में गांव-गांव में कोरोना के इलाज के लिए किट वितरण किया जाएगा। जिससे लोग अपना प्राथमिक उपचार शुरू कर सकें। साथ ही प्राइवेट अस्पतालों में भी कोविड-19 सेंटर खोलने का प्रस्ताव किया गया है। जिनकी संख्या लगभग सात है। इस मौके पर केन्द्रीय राज्यमंत्री के निजी सहायक राजेंद्र निषाद भी मौजूद रहे।


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