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Friday, April 23, 2021

गुटखे की कालाबाजारी पर नगर में हुआ जमकर बवाल

कस्बा इंचार्ज ने दुकान कराई बंद, खाद्य सुरक्षा अधिकारी को दी सूचना

फतेहपुर, शमशाद खान । बिन्दकी नगर के किराना गली में शुक्रवार की दोपहर में राजेश ओमर की फर्म से ओवर रेट पर गुटखा बेचे जाने को लेकर बवाल हो गया। जिस पर गुस्साई ग्राहकों की भीड़ ने गुटखा की दुकान में धावा बोल दिया। देखते ही देखते कोविड-19 का पालन कुछ इस अंदाज में हुआ कि दो सौ से ढाई सौ तक की संख्या में लोगों की भीड़ एकत्र हो गयी। जहां पर सोशल डिस्टेंस मात्र एक खिलवाड़ बनकर रह गया। सूचना पुलिस को होने पर कस्बा इंचार्ज बिन्दकी रितेश कुमार रॉय मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में किया। वहीं वास्तविक मूल्य से अधिक मूल्य पर गुटखा बेंचने को लेकर चर्चाओं का माहौल गर्म रहा। जिस पर कस्बा इंचार्ज रितेश कुमार रॉय ने आनन फानन में दुकान को अपने सामने बन्द करा ताला डलवा दिया। इसकी सूचना फौरन मुख्य खाद्य सुरक्षा

हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराते कस्बा इंचार्ज।

अधिकारी सीएल यादव को जरिये दूरभाष से दी। जिसके बाद भीड़ को तितर बितर कर मामले को शान्त कराया गया। साथ ही उक्त दुकानदार को गुटखा तब तक बेचने को लेकर पाबन्दी की हिदायत दे दी गयी जब तक इसकी जाँच मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी नहीं कर लेते लेकिन होगा भी क्या फिर से एक नई लीपापोती। पूरे जनपद में आपदा का अवसर उठा लोग अधिक लाभ कमाने के लिए रेट से अधिक मूल्य पर बेंच अपने घरों को भरने का काम कर रहे हैं। 

बताते चलें कि किस तरह से ये धन्नासेठ आपदा को अवसर मान अधिक धन कमा रहे हैं। इन धन्ना सेठों द्वारा नगर में ही बने अवैध बेसमेण्टों को किराए पर लेकर रात के घनघोर अंधेरों में जिस समय सब गहरी निद्रा में होते हैं उस समय गुटखा उन बेसमेंटों में अवैध तरह से डम्प करने का खेल शुरू किया जाता है लेकिन जब इसे बेंचा जाता है तो उस समय यही धन्नासेठ आपदा के अवसर उठाते हिये अपनी दूसरी दुकानों में पच्चीस से तीस बोरे रख वास्तविक रेट से अधिक रेट में बेचते हैं। जब कोई विरोध में उतरता है या फिर स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच छापा मारता है तो प्रशासन को भी ये बड़े बड़े धन्नासेठ टोपी पहनाने में भी नहीं चूकते और आसानी से उन्हें भी टोपी पहनाकर अपने आप को बचा लेते हैं जबकि वास्तविकता कुछ और ही होती है ये कोई पहला मामला नहीं है बल्कि बिंदकी नगर में ज्यादातर लोग इसी तरह से नम्बर दो का कारोबार करते हैं। गुटखा का हब बन चुका है। नगर में जहाँ पर गुटखा बनने से लेकर ब्लैक करने तक का काम किया जाता है बिन्दकी नगर का गुटखा कई जनपदों में सप्लाई भी होता है और इस तरह से कम खर्च में ज्यादा मुनाफा कमाकर चलने वाली प्रशासनिक चैन को भी समय समय पर पहुंचा दिया जाता है जिसके चलते इन पर कार्यवाही हो पाना महज एक गुड़िया गुड्डे का खेल जैसा हो गया है।


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