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Friday, April 16, 2021

नाइट ब्लड सर्वे में तैयार की जा रही स्लाइड

1697 लोगों के लिए नमूने, जमालपुर में 9 पाजिटिव 

फाइलेरिया उन्मूलन अभियान से पूर्व चल रहा सर्वे 

बांदा, के एस दुबे । जनपद में अगले माह संभावित फाइलेरिया उन्मूलन अभियान से पहले नाइट ब्लड सर्वे चल रहा है। यह 30 अप्रैल तक चलेगा। इसमें 4000 लोगों के खून का नमूना जमा कर उसकी जांच की जानी है। अभी तक 1697 नमूने लिए जा चुके हैं। जमालपुर में 9 पाजिटिव भी मिले हैं। 

जमालपुर गांव में ग्रामीणों के सैंपल लेती स्वास्थ्य विभाग की टीम।

जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि जिले के छह गांवों और शहर के दो क्षेत्रों को फाइलेरिया की दृष्टि से संवेदनशील घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में टीम ने नाइट ब्लड सर्वे चल रहा है। मई माह में फाइलेरिया से रोकथाम को दवा खिलाने का अभियान प्रस्तावित है। इसलिए इससे पूर्व यह सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मलेरिया विभाग की टीम रात में गांवों में ब्लड सैंपल लेने के लिए सर्वे कर रही है। रात में सैंपल लेने की वजह यह है कि बीमारी का कीटाणु रात में ही पेरीफेरल (बाहरी) ब्लड में आता है। हर गांव से करीब पांच सौ लोगों का ब्लड सैंपल टीम को जुटाना है। इस तरह आठ क्षेत्रों से चार हजार सैंपल लेने हैं। प्रत्येक टीम में चार सदस्य शामिल हैं। 

उन्होंने बताया कि जनपद में जमालपुर गांव में 507 नमूने लिए गए हैं। इनमें 9 की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। पपरेंदा में 503 नमूने लिए गए हैं। उक्त दोनों गांवों में सर्वे पूरा हो चुका है। इसके अलावा गड़रिया गांव में 498, बंथरी में 189 नमूने लिए गए हैं। 

क्या है फाइलेरिया

बांदा। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि फाइलेरिया मच्छर से फैलने वाला एक रोग है। इसका मच्छर गंदे पानी में पैदा होता है। इस बीमारी को सील पांव या हाथी पांव भी कहते हैं। इस बीमारी का लक्षण पांच से छह वर्ष के बाद दिखाई देता है। इस बीमारी में शरीर के किसी भी अंग में सूजन और सफेदी आ सकती है। 

 

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