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Thursday, April 29, 2021

बंदरो का आसरा बने समाजसेवी रामबाबू

सवा महीने तक बेजुबानों को कराएगें भोजन 

परिक्रमा मार्ग में रोजाना बंदर व गायों को खिलायेंगे 4 से 5 कुंतल फल

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के प्रकोप से भगवान श्रीराम की कर्मस्थली चित्रकूट में श्रद्धालुओं व पर्यटकों का आवागमन ठप होने के चलते कामदगिरि परिक्रमा मार्ग में हजारों की तादाद में भूख-प्यास से तड़प रहे बन्दरों की भूख मिटाने को जिले के प्रख्यात समाजसेवी रामबाबू गुप्ता ने कदम बढ़ाया है। गुरुवार को उन्होंने गोवंशों व बन्दरों को भरपेट खीरा व केला आदि खिलाया है।

समाजसेवी रामबाबू गुप्ता ने तीर्थक्षेत्र के कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा क्षेत्र में रहने वाले तमाम बन्दरों व गायों को खीरा व केला खिलाये। बन्दरों ने उनके हाथों से खीरा व केला खूब खाये। कोरोना के कहर से तीर्थक्षेत्र में श्रद्धालुओं व पर्यटकों के न आने से बन्दरों व गायों के जीवन में संकट खड़ा हो गया था। बन्दरों व गायों का जीवन

बेजुबानो को फल खिलाते समाजसेवी।

बचाने को समाजसेवी रामबाबू गुप्ता इस बार सबसे पहले आगे आये। उन्होंने परिक्रमा क्षेत्र में बन्दरों व गायों को खीरा व केला का जमकर भंडारा कराया। उन्होंने बताया कि आज से लगातार सवा महीने तक बेजुबान बंदर व गायों को चार से पांच कुंतल तक,किसी दिन फल तो किसी दिन लाई-चना व पूरी आदि का भंडारा परिक्रमा मार्ग में करते रहेंगे।समाजसेवी श्री गुप्ता ने इस पुनीत कार्य मे अन्य समाजसेवियों को भी आगे आकर सहयोग करने का आग्रह किया है।कहा कि जो वह कर रहे हैं,बहुत कम है।यह नेक कार्य जब अलग-अलग कई लोग करेंगे,तभी बेजुबानों का पेट भरा जा सकता है।बात दें कि पिछले साल भी कोरोना काल मे वह परिक्रमा मार्ग में बंदरों व गायों को भोजन कराते थे।उनके इस कार्य की सभी लोगों ने सराहना की है। 


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