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Saturday, April 24, 2021

क्या? सच्चाई या भय युक्त ............

देवेश प्रताप सिंह राठौर 

(वरिष्ठ पत्रकार)

......... आज हम बात करते हैं कोरोना समय बहुत संक्रमित समय चल रहा है। आज पूरा देश कोरोना से बहुत अधिक भय युक्त है परंतु बहुत लोगों के रुझान हमें प्राप्त हुए जिसमें इलेक्ट्रॉनिक चैनलों की भूमिका पर प्रश्न चिन्ह लगाया आज जब हम पूरे देश की बात करते हैं राज्यों की बात आती है तो कोरोना से ढाई सौ लोग उत्तर प्रदेश में खत्म हुए 300 लोग महाराष्ट्र में खत्म हुए 200 लोग दिल्ली में खत्म हुए और जगह-जगह के आंकड़े मिले मध्यप्रदेश में 330  खत्म हुए वैसे आखिरी जब हमें इलेक्ट्रॉनिक्स चैनलों में देखता है जो आंकड़े प्राप्त होते हैं ,उस समय आदमी विचलित हो जाता है, मीडिया के लोग दिखाते हैं इतनी लाशें जलाई जा रही है इतने लोग दफनाया जा रहे हैं इस इस तरह क्या रूप को दिखाते हैं यह नहीं दिखाना चाहिए क्योंकि आज बहुत सी जाने घबराकर लोग विचलित हो रहे हैं ,और कुछ लोगों की जान घबराहट में ही जा रही है आप देखिए जब कोरोना नहीं था उत्तर प्रदेश की आबादी 23 करोड़ है 23 करोड़ आबादी वाले राज्य में ढाई 300 लोगों की मृत्यु दर आ रही है तो मैं समझता हूं । अधिक नहीं है जब स्वस्थ लोग थे तब भी मृत्यु का औसत रहता होगा उसके आंकड़े देखने के बाद ही तब कहीं जाकर इस तरह की न्यूज़ को दिखाना चाहिए दिल्ली की आबादी 2 एवं ढाई करोड़ के लगभग है वहां पर 200 लोग मरे हैं इस आधार पर आंकड़ों के रुझान से और कोरोना संक्रमित समय के पहले के रिकॉर्ड को आंकलन करके फिर दिखाने की जरूरत है, किस तरह की लोगों की मृत्यु का औसत क्या है। मेरे संज्ञान में बहुत से ऐसे लोग आए हैं जिनको कोरोना के लक्षण नहीं है फिर भी टेस्ट कराने पर कोरोना पॉजिटिव पाए गए और उन्हें अस्पताल में ले


जाकर भूसे की तरह डाल दिया गया वह व्यक्ति कहता रहा मुझे घर ले चलो मैं घर में सुरक्षित रहूंगा मुझे कोई सांस लेने में परेशानी नहीं है लेकिन घर वाले दिखाने गए थे वहां के लोगों ने उनको भगा दिया गया  जिम्मेदारी हमारी है आप घर जाओ और मात्र 24 घंटे बाद रात को 3:00 बजे उनके घर पर फोन आता है वह उनकी कोरोना में डेथ हो गई है मैं सोचता हूं कुछ आदमी यहां का  माहौल देखकर बहुत ज्यादा विचलित होता है इसके लिए मरीज कंडीशन के आधार कोरोना संक्रमित को वार्ड में में रखने की जरूरत है जो नॉर्मल कंडीशन के हैं उनको भी सीरियस कंडीशन बनाकर ऐसे हालो में डाल दिया जाता है जिस जगह देख कर अच्छा वाला आदमी अस्वस्थ हो जाए ऐसा मुझे महसूस हुआ मुझे कुछ लोगों ने अवगत कराया इंसानियत मानवता बनाए रखनी चाहिए आज उसकी बहुत ही जरूरत है ।होना चाहिए बहुत से विपक्षी दल मोदी को योगी जी को कानूनी प्रक्रिया पर प्रश्न उठाते हैं आज जो कोरोना संक्रमित बीमारी है भारत की जनसंख्या 1 अरब 30 करोड़ है मैं मानता हूं एक अरब 30 करोड़ के लिए आईसीयू नहीं बन सकते हैं इस पर अगर किसी पार्टी किसी दल की या किसी सरकार की नाकामी कहीं जाए तो यह विपक्ष वालों के दिमाग में भूसा भरा है। कि विरोध करना चाहिए लेकिन आज के हालात विरोध वाले नहीं है सरकार के साथ हाथ में हाथ मिलाकर इस माहवारी को लड़ने के लिए आगे आने की जरूरत है जो इन लोगों नेताओं ने पैसा गवन घोटाला करके करोड़ों हजारों करोड़ों लाखों-करोड़ों पैसा डबल घोटाले में लोगों का पास है, मेरे अल्पसंख्यक भाई कहते हैं मोदी की सरकार नाकाम है ऑक्सीजन नहीं डलवा पा रही है अस्पतालों की व्यवस्था नहीं करवा पा रही है मैंने उन लोगों से अपने विचार रखे मैंने कहा भाई हिंदुस्तान की सबसे धनवान अगर कोई है वक्फ बोर्ड है इतना पैसा कहां पड़ा हुआ है वह पैसा निकाल कर आज देश दिक्कत में है उस पैसे का सदुपयोग करके कोरोना संक्रमित ओं का अस्पताल और वेंटीलेटर बनवाने का कार्य करें अगर आपको देश की चिंता है तो वहा जो पैसा  में सड़ रहा हैआ जो पैसा निकाले बाहर गरीबों के लिए वेंटिलेटर ले और कुछ दान करें यह धारणा बनाए वहीं से अच्छा है कुछ अच्छे कार्य करें जो जिंदगी भर घोटाले गबन करते रहे अब उनको पैसे लगाने का अवसर प्राप्त हुआ है लोगों को ऑक्सीजन दिलवाए देश की जनता के लिए कुछ कार्य करें सी सुविधाएं दिलवाए, क्योंकि देश के नेताओं ने इतना पैसा लूटा है इनके पास आय से अधिक के बहुत से मामले सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई की जांच भी चल रही है और सब लोग अपना पैसा निकाल कर जनहित के लिए आज देश की में जो महामारी कोरोना संक्रमित चल रही है उसमें अग्रणी भूमिका निभाएं और सरकार से रोना बंद करें क्योंकि सरकार अपने स्थित में संभाले हुए हैं क्योंकि यह बीमारी यह एक अरब 40 करोड़ वाली है, इसमें कोई भी सरकार हो हर व्यक्ति को वेंटिलेटर नहीं दिला सकती क्योंकि कोई भी चीज ईखट्टी आ जाए जाए सभालना बड़ा मुश्किल होता है। पूरा विश्व परेशान है भारत में आज कोरोनासंक्रमित संख्या निरंतर बढ़ रही है, पर न्यूज़ चैनल वाले इस तरह दिखाते हैं आज के लोगों को न्यूज़ चैनल देखने में डर लगने लगा है क्योंकि जो चीजें नहीं दिखानी चाहिए जो नेगेटिव प्रभाव डालेंगे उसे भी न्यूज़ चैनल दिखा रहे हैं अगर आंकड़ों के आधार पर मृत्यु दर को देखा जाए तो मुझे लगता है पूर्व के आंकड़ों जब करो ना कॉल नहीं था उन आंकड़ों को निकालकर आज के आंकड़े से तुलना की जाए मुझे लगता है 23 करोड़ की आबादी उत्तर प्रदेश की है अगर 1 दिन में ढाई सौ कोरोना संक्रमित की मौत होती है तो साधारण मौतों की संख्या क्या है इसका भी अवलोकन होना चाहिए तब सही स्थिति का अवलोकन हो सकेगा क्या सभी मृत्यु को रोना संतों की हुई है क्या आप साधारण मौतें बीमारी के कारण उनका दर औसत ही होना चाहिए। आज जरा सा भी किसी को दिक्कत आए पहले करो ना टेस्ट कराओ फिर इलाज होगा आदि लोगों की संख्या मृत्यु दर की इसी में अधिक हो रही है जो लोग पहले से बीमार थे उनका इलाज नहीं हो पा रहा है जो गंभीर बीमारी से ग्रस्त थे वह डॉक्टर को दिखा नहीं पा रहे हैं बहुत सी विचलित करने वाली तस्वीरें हैं परंतु जो लोग पूर्व से इलाज चल रहा था वह आज दहशत में है क्योंकि डॉक्टर लोग अरे रिपोर्ट को नेगेटिव लाए तब इलाज आरंभ होगा इसलिए लोग जो इलाज पूर्व से चल रहा है उन्हीं दवाइयों को निरंतर चला रहे हैं और बहुत बड़े डिप्रेशन के शिकार बने बैठे हैं। क्योंकि हमारे पास कोरोना वार्ड की तस्वीरें तो नहीं है लेकिन कुछ लोगों ने स्थितियों को देखा और जहां पर हो रहे उन्हें वह मौत का कुआं दिखाई दे रहा था। कोरो ना संक्रमित से लोगों की मृत्यु का दर इसलिए बढ़ रहा है। प्रॉपर चैनल पर समय से इलाज संभव नहीं हो पा रहा है क्योंकि आज इलेक्ट्रॉनिक्स मीडिया जिस तरह कोरोना संक्रमित का समाचार दिखा रही है इतना ज्यादा विश्लेषण करने की अभी आवश्यकता नहीं है। देश को कोरो ना से भय मुक्त करने के लिए एक डर हटाना होगा क्योंकि यह बताने की जरूरत है कोरोना संक्रमित तो मैं आप सब लोग इस समय में नियमों का पालन करें और सरकार शक्ति के साथ लोगों को पालन कराया क्योंकि आज भी लोग मास्क बहुत गलत लगाए हुए हैं खुले रहते हैं मास के नीचे लटकता रहता है इस तरह के लोग आज भी है जिन्हें जुर्माने के साथ बलपूर्वक भी इस्तेमाल करने की जरूरत है आज क्योंकि यहां पर समझने वाले लोग बातों से समझने वाले लोग संख्या में अधिक है जो बातों की भाषा नहीं समझते हैं उनके लिए जुर्माना और ठंडा दोनों तैयार रहें वही भाषा वह समझ सकते हैं और सरकार को यह शक्ति के साथ करने की जरूरत है। उसे लोगों ने हमसे कहा विश्लेषण किया तो पता चला देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी जी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी कार्य करने की शैली को बड़ी सराहना की है बहुत से लोगों ने देश के प्रधानमंत्री से मांग की कि प्रधानमंत्री को चाहिए आज इमरजेंसी लगा दे और मैं जानता हूं कि नरेंद्र मोदी जी सब ठीक कर लेंगे अकेले सब सही कर लेंगे क्योंकि लोगों का विश्वास है। इमरजेंसी लगनी अच्छी चीज नहीं होती किसी देश के लिए यह तो एक अपनी अपनी राय है जनता जनार्दन की परंतु मुझे विश्वास है जो लोग टीका टिप्पणी करते हैं उनको समझना चाहिए आज कोरोना संक्रमित की महामारी एक अरब 40 करोड़ के लोगों के लिए घातक है एक अरब 40 करोड़ के लिए वेंटीलेटर सुविधाएं कोई भी माई का लाल सरकार आज की हो या पूर्व की हो कोई व्यवस्था नहीं कर सकती इसलिए किसी सरकार को दोष देना यह अच्छी बात नहीं है। जो ने कहा की वैक्सीन को रोना कि हमारे यहां नहीं पहुंच रही है कालाबाजारी हो रही है अब नरेंद्र मोदी जी ने राज्य सरकार को डायरेक्ट लेने के लिए आमंत्रण वैक्सीन कंपनियों को स्वयं उनके जिम्मेदारियों पर डाल दिया है अब राज्य सरकारें अगले वगले देख रही हैं,जो हराम में मिलने वाली स्थित खत्म हो रही है पैसा लगा कर लेना पड़ेगाजब से नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री ने राज्य की सरकारों को वैक्सीन हेतु निर्देशित किया कि वैक्सिंग निर्माता कंपनी से डायरेक्ट कंपनी से लीजिए ,वैक्सीन के संबंध में राज्य सरकारों की कोई भी टिप्पणी नहीं आई आप शांत बैठे हुए हैं  पैसा लगाकर लेना पड़ेगा, जितनी जल्दी इस समय बैक्सीन का काम भारतवर्ष की विशाल आबादी में गतिशील प्रदान की है देश के प्रधानमंत्री ने है वास्तव में सराहनीय है।

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