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Thursday, April 29, 2021

अस्पतालों के गेट के पास रातें काटने को तीमारदार मजबूर

कोविड अस्पताल के गेट के अंदर ही गंदगी, पडे रहते दवा की किट के रैपर

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। कोविड़ अस्पताल खोह सहित जिला अस्पताल में अपने मरीजों का इलाज करा रहे तीमारदारों को कई दिन व राते अस्पताल के परिसर मेें काटने पड़ रहे है। कहीं जगह न मिलने पर जमीन पर ही लेटे कर राते गुजाराते हैं। खाने पीने की भी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है।

जिले के खोह गांव के पास स्थित जच्चा बच्चा अस्पताल में अधिकतर मरीजों को रखा गया है। जहां कई मरीजों का इलाज कई दिनों से चल रहा है। जिनके परिजन अस्पताल परिसर में अपने परिवार के सदस्यों के ठीक होने का इंतजार करते रहते हंै। एक मरीज के  परिवार के सदस्य ने बताया कि अपने मरीज की चिंता में तीन दिनों से सोया नहीं है। उसके अन्य परिजन भी परेशान हैं।

अस्पताल गेट के बाहर लेटे तीमारदार।

अस्पताल परिसर में ही फेंक दी जाती हैं किट

चित्रकूट। कोविड़ अस्पताल के परिसर के ही बाहर कोरोना मरीजों को देखने लिए पहने वाली किट को फेंक दिया जाता है। इसके अलावा अन्य उपकरण भी वहीं पर फेंक देते हैं। हवा चलने से इधर उधर उड़ती रहती है। वही मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल के अंदर शौचालय की पर्याप्त सफाई भी नहीं की जाती। जिससे गंदगी पडी रहती है। 

एक ही स्ट्रेचर का हो रहा प्रयोग

चित्रकूट। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है। जबकि उपकरण की कमी के चलते समस्याओं से अस्पताल के कर्मचारी सहित मरीजों को जूझना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में देखा गया कि एक ही स्ट्रेचर का उपयोग किया जा रहा है। समय से स्टे्रचर उपलब्ध न होने से मरीजों को परिवार के सदस्य कंधे में ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

रोजाना हो रहा सेनेटाइजेशन

चित्रकूट। प्रभारी सीएमओ डा इम्त्यिाज अहमद ने बताया कि अस्पतालों रोजाना सफाई की जा रही है। खोह के कोविड़ अस्पताल को रोजाना सैनिटाइज कराया जाताा है। इसके साथ सफाई भी कराई जा रही है। मरीजों के साथ तीमारदारों को नहीं रखा जा सकता। ऐसे में मरीजों को बाहर ही इंतजार करना होगा। जिला अस्पताल में भी व्यवस्थाएं सुधारी जा रही हैं। टेलीमेडीसिन प्रणाली से भी घर बैठे सामान्य मरीजों का इलाज किया जा रहा है।


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