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Saturday, April 10, 2021

कोरोना के बढ़ते संक्रमण से अमावस्या मेला प्रतिबंधित

मप्र चित्रकूट क्षेत्र में 12 अप्रैल तक लाकडाउन

बंद रहेंगे मठ-मंदिर, रामघाट में आरती

डीएम ने श्रद्धालुओं को विनम्रतापूर्वक वापस भेजने के दिए निर्देश

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में खोयापाया केंद्र रामघाट के सभागार में अमावस्या मेला को प्रतिबंधित करने के संबंध में आवश्यक बैठक संबंधित अधिकारियों व साधु संतों के साथ संपन्न 

जिलाधिकारी ने बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए घरों से ही भगवान श्री कामदनाथ जी के दर्शन पूजा अर्चन करें। अमावस्या मेला में आने की चेष्टा न करें। उन्होंने साधु-संतों से भी कहा है कि श्रद्धालुओं से अपील करें कि कोई भी अमावस्या मेला में न आए। मठ मंदिरों को भी बंद रखें। चैकी प्रभारी सीतापुर को निर्देश दिए कि सभी मठ मंदिरों के साधु-संतों से संपर्क कर मंदिरों को बंद

बैठक में निर्देश देते डीएम।

रखा जाए। रामघाट की आरती को भी बंद करा दिया जाए। कहा कि प्रतिमाह अमावस्या मेला के अवसर पर कामदगिरि परिक्रमा तथा रामघाट एवं अन्य धार्मिक स्थलों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ एकत्र होती है। परिक्रमा मार्ग का लगभग आधा हिस्सा मध्य प्रदेश की सीमा में आता है एवं मध्य प्रदेश की सीमावर्ती क्षेत्रों जैसे रामघाट, सीतापुर, नयागांव तथा जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवरामपुर एवं मानिकपुर के क्षेत्र में जो कि मध्य प्रदेश की सीमा से लगे हुए हैं प्रतिदिन अधिक संख्या में कोविड-19 से संक्रमित पॉजिटिव मरीज आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में अमावस्या मेला के अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ एकत्र होने एवं लोगों के मिलने से संक्रमण में वृद्धि से इन्कार नहीं किया जा सकता है। ेयह भी अवगत कराया गया है कि वर्तमान में जनपद में कोरोना संक्रमित मरीज बढ़ रहे हैं। शासन ने भी निर्देश दिए हैं कि कंटेनमेंट जोन के बाहर समस्त सामाजिक धार्मिक गतिविधियां किसी भी बंद स्थान यथा हाल कमरे की निर्धारित क्षमता का 50 प्रतिशत, किंतु एक समय में अधिकतम 100 व्यक्तियों तक, खुले स्थान, मैदान पर ऐसे स्थानों के क्षेत्रफल की 50 प्रतिशत से कम क्षमता तक, किंतु एक समय में अधिकतम 200 व्यक्ति ही फेस मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्कैनिंग, व सेनीटाइजर एवं हैंड वॉश की उपलब्धता की अनिवार्यता के साथ उपस्थित हो सकते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने यह भी अवगत कराया कि मप्र सतना के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से दूरभाष पर उनकी हुई वार्ता के अनुसार क्षेत्र में 9 अप्रैल को सायंकाल 6 बजे से 12 अप्रैल को सायंकाल 6 बजे तक शुक्रवार से लेकर सोमवार तक पूरी तरह से लॉक डाउन एवं प्रतिदिन नाइट कफर््यू लगाया गया है। रामघाट सीतापुर उप्र में भी कोरोना संक्रमित मरीज पाए जाने के कारण संक्रमित स्थलों पर कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। इस स्थिति में यह अमावस्या मेला स्थगित किए जाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी तथा पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर को निर्देश दिए कि भरतकूप, शिवरामपुर, बेड़ीपुलिया, खोही, यूपीटी तिराहा, निर्मोही अखाड़ा, एलआईसी तिराहा, रेलवे स्टेशन कर्वी, मानिकपुर में पुलिस बल व मजिस्ट्रेट को तैनात करते हुए जो बाहर से तीर्थयात्री आए उन्हें विनम्रता पूर्वक कोविड-19 के संक्रमण के बारे में जानकारी देते हुए वापस जाने का अनुरोध किया जाए। अपर जिलाधिकारी से कहा कि चित्रकूट जिला की सीमा से लगे हुए जनपदों के जिला प्रशासन को भी पत्राचार किया जाए। ताकि उन जनपदों के जिला प्रशासन भी आने वाले श्रद्धालुओं को अमावस्या मेला प्रतिबंधित तथा कोविड-19 के संक्रमण के बारे में अधिक से अधिक जानकारी करा सके। ताकि तीर्थयात्री अमावस्या मेला में न आए। उन्होंने उप जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र की सफाई एवं सेनेटाइज भी कराया जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि मास्क का प्रयोग करें, सैनिटाइजेशन, स्वच्छता, सोशल डिस्टेंसिंग, तथा कोविड-19 का टीका अवश्य लगवाएं। अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित करें। इस महामारी का सावधानी ही बचाव है। बैठक में अपर जिलाधिकारी जीपी सिंह, उप जिलाधिकारी कर्वी राम प्रकाश, पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर शीतला प्रसाद पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार, डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर विजय कुमार सोनी, पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह, जिला उद्यान अधिकारी डॉ रमेश कुमार पाठक सहित संबंधित अधिकारी, मठ मंदिरों के साधु, संत मौजूद रहे।


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