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Sunday, April 25, 2021

वीकेंड लाकडाउन: दुकानें रही बंद, मार्गों पर दिखी चहलकदमी

गांवों की गलियां रहीं गुलजार, मार्गों पर नहीं दिखी पुलिस 

फतेहपुर, शमशाद खान । वैश्विक महामारी से आमजन को बचाये जाने की खातिर शासन के निर्देशन में रविवार को भी दूसरे दिन वीकेंड लाकडाउन लगाया गया। लाकडाउन के चलते दुकानों के शटर जहां गिरे रहे वहीं आवश्यक वस्तुओं की ही दुकानें खुली रहीं। मार्गाें पर कुछ चहलकदमी देखी गयी। इक्का-दुक्का वाहन भी आते-जाते दिखाई दिये। उधर इसके उलट ग्रामीणांचलों का नजारा कुछ और ही रहा। गांवों की गलियां जहां गुलजार रहीं वही मार्गों पर पुलिस कर्मी नजर नहीं आये। 

लाकडाउन के दौरान मार्ग पर पसरा सन्नाटा।

बताते चलें कि कोविड-19 वायरस पिछले वर्ष 2020 में पड़ोसी मुल्क चीन के वुहान शहर से निकला था। इस वायरस ने धीरे-धीरे पूरी दुनिया में अपने पांव पसार लिये थे। इसकी चपेट में आने से जहां लाखों लोग मौत के मुंह में चले गये थे वहीं कई लाख लोग इसकी चपेट में आकर बीमार हो गये थे। धीरे-धीरे इस वायरस में कमी आयी थी और लोगों को लग रहा था कि अब कोरोना वायरस खत्म हो जायेगा। चालू वर्ष में भी ज्यादा मरीज सामने नहीं आये थे और भारत में ही को-वैक्सीन भी तैयार कर ली गयी थी। वैक्सीनेशन चालू होने के बाद लोगों का अनुमान था कि अब यह वायरस हमलावर नहीं हो पायेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चालू माह के शुरूआती दौर से ही कोरोना वायरस से एक बार फिर से कहर बरपाना शुरू किया और देश के ज्यादातर हिस्सों में हजारों की संख्या में प्रतिदिन मरीज सामने आने लगे। बिगड़ते हालातों को देखते हुए प्रदेश की योगी सरकार ने शनिवार व रविवार को लाकडाउन लगाये जाने का फैसला लिया जिससे कोरोना वायरस की चेन को तोड़ा जा सके। रविवार को दूसरे दिन भी लाकडाउन का असर साफ दिखाई दिया। शहर के सभी बाजार जहां पूर्णतः बंद रहे। वहीं आवश्यक वस्तुओं की दुकानें यथा दूध, सब्जी, फल, मेडिकल स्टोर आदि खुले रहे। आवश्यक वस्तुओं की खरीददारी करने के लिए लोग मार्गों पर चहलकदमी करते हुए देखे गये। उधर इक्का-दुक्का वाहन भी मार्गों पर दिखाई दिये। शहर की सड़कें सूनी रहीं व गलियों में भी ज्यादा लोग नहीं दिखाई दिये। क्योंकि इस बार लोगों के अंदर कोरोना वायरस का खौफ ज्यादा है और लोग स्वयं इससे बचना चाह रहे हैं। उधर मार्गों पर पुलिस की मुस्तैदी नहीं दिखाई दी। गांवों की बात की जाये तो यहां का नजारा कुछ और ही रहा। गांव की गलियां जहां गुलजार रहीं वहीं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के चलते प्रत्याशियों ने अपने समर्थकों के साथ डोर-टू-डोर मतदाताओं से जनसम्पर्क किया। जिसके चलते गांवों में लाकडाउन का कोई असर नहीं दिखा। 


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