दुर्गा सप्तशती के अध्याय के पाठ से कामनापूर्ति - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Monday, April 12, 2021

दुर्गा सप्तशती के अध्याय के पाठ से कामनापूर्ति

प्रथम अध्याय- हर प्रकार की चिन्ता मिटाने के लिए , द्धितीय अध्याय- मुकदमें झगड़ो में विजय हेतु, तृतीय अध्याय- शत्रु से छुटकारें हेतु, चतुर्थ अध्याय- भक्ति शक्ति तथा दर्शन हेतु, पचंम अध्याय- भक्ति शक्ति तथा दर्शन हेतु, षष्ठ अध्याय- डर, शक, बाधा दूर करने हेतु, सप्तम अध्याय- हर कामनापूर्ति हेतु, अष्ठम अध्याय- मिलाप व वशीकरण हेतु, नवम अध्याय- गुमशुदा की तलाश, दशम अध्याय- कामना एवं संतान प्राप्ति हेतु एकादश अध्याय- व्यापार, सुख संपत्ति की प्राप्ति हेतु, द्वादश अध्याय- मान-सम्मान लाभ प्राप्ति हेतु, त्रयोदश अध्याय- शक्ति प्राप्ति हेतु। दुर्गा सप्तशती के पाठ और मन्त्रों से- रोग, बाधा, शोक, विपत्ति, भय, पाप नाश होता है और सुख सौभाग्य, शक्ति, संतान, ऐश्वर्य, धन प्राप्त होता है



नवरात्र में नवार्णमंत्र ‘‘ ऊँ एंे ह्नी ं क्ली ं  चामुण्डाये विच्चे ’’ की साधना और दुर्गा सप्तशती का पाठ बहुत फलदायी होता है। नवरात्र में देवी माँ को नौ दिनों में अलग-अलग नैवेद्य चढ़ाने से निम्न मनोकामना की पूर्ति होती है। प्रथम- गो घृत- आरोग्य की प्राप्ति , द्धितीय- शक्कर - दीघार्यु की प्राप्ति, तृतीय- दूध- दुखों की निवृत्ति, चतुर्थ- मालपूआ- निर्णय शक्ति का विकास ,पंचम- केले- बुद्धि का विकास , षष्ठी- मधु-आकर्षण व सुन्दरता, सप्तमी- गुड़- शोकमुक्ति और विपत्तियों से रक्षा, अष्ठमी- नारियल- हर प्रकार की पीड़ा का शमन, नवमी- धान- लोक परलोक का सुख- ज्योतिषाचार्य एस. एस. नागपाल, स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र , अलीगंज , लखनऊ

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages