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Friday, April 16, 2021

मास्क के नाम पर जुर्माना: जनता बोली एक हजार जुर्माना ज्यादा है सरकार

फतेहपुर, शमशाद खान । कोरोना महामारी के बढ़त मामलों के बीच सरकार ने मास्क न लगाने पर एक हजार रुपये का जुर्माना व दोबारा बिना मास्क के पाए जाने पर 10 हजार रुपये का चालान किये जाने का निर्णय लिया है। सरकार द्वारा जुर्माना के नाम पर भारी भरकम राशि का चालान करने के निर्णय पर जनता की मिली जुली राय देखने को मिली। मास्क के नाम पर जुर्माना को ज्यादातर लोग कोरोना महामारी से बचाव के लिए जुर्माना लगाये जाने को उचित तो बता रहे है लेकिन मास्क न लगाने के नाम पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाये जाने को भी अनुचित और दोबारा बिना मास्क के मिलने पर दस हजार रुपये की भारी भरकम फाइन लगाने के सरकार के निर्णय को अनुचित और जनता पर भारी बोझ बता रहे है। लोग जुर्माना के नाम पर पुलिस की वसूली और जनता का शोषण करने का अधिकार मिलना बताकर जमकर विरोध कर रहे है। 

प्रतिक्रिया व्यक्त करते लोग।

पटेल नगर स्थित दुकानदार मो0 हबीब कहते हैं कि सरकार कोरोना महामारी से बचने के लिये कदम उठा रही है। बढ़ते कोरोना महामारी के मामलों पर लगाम लगाने के लिये सरकार द्वारा मास्क न लगाने पर जुर्माना लगाने का निर्णय किया है लेकिन कोरोना काल और लॉकडाउन में लोगों के काम धंधे ठप हो गये हैं। सरकार द्वारा एक हजार रुपये का जुर्माना व दोबारा दस हजार रुपये का जो जुर्माना लगाया गया है, वह अधिक है। जनता पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। वहीं पुजारी संघ के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार का कहना रहा कि सरकार द्वारा बिना मास्क पर जुर्माना करना कोरोना महामारी से निपटने का एक साधन है लेकिन जुर्माना के नाम पर एक हजार रुपये की राशि को अधिक बताते हुए कहते है कि आम आदमी की आर्थिक स्थिति अत्यंत खराब हो रही है। ऐसे में जुर्माना की राशि जनता के ऊपर बड़ी मार की तरह है। सरकार को जुर्माना की राशि पर एक बार और विचार करना चाहिये। वहीं पप्पू सिंह पटेल के अनुसार कोरोना महामारी रोकने के लिये सरकारी प्रयास अभी भी नाकाफी है। वैक्सीन की उपलब्धता आम आदमी तक नहीं हो सकी है। अस्पताल से लेकर शमशान तक अव्यवस्था फैली हुई है। सरकार व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की जगह पहले से परेशान हाल जनता पर मास्क के नाम पर सरकारी तंत्र की खुली लूट करने की अनुमति दे रही है। कोरोना काल में लोगों के रोजगार बंद हो गये हैं लोगो के सामने आर्थिक संकट है। ऐसे में लोगो को मास्क के प्रति जागरूक करने का अभियान चलाया जाना चाहिये न कि उन पर एक हजार व दस हजार रुपये के भारी भरकम जुर्माना लगाया जाना चाहिये। जुर्माना की राशि को कम किया जाना चाहिए। वहीं पत्थरकटा चैराहा स्थित व्यापारी सोनू गुप्ता कहते है कि कोरोना महामारी के दौरान केंद्र व प्रदेश सरकार ने बेहतर प्रबंधन किया था। एक बार फिर से कोरोना के पैर पसारने पर सरकार उचित कदम उठा रही है। कोरोना से बचने के लिये लोगों को अनिवार्य रूप से मास्क लगाना चाहिये। साथ ही सामाजिक दूरी का पालन करना चाहिये। मास्क के नाम पर जुर्माना लगाये जाने को तो उचित बताया लेकिन जुर्माना की राशि को एक हजार व दूसरी बार दस हजार की राशि के जुर्माना को अधिक बताया। उनके अनुसार सरकार को जुर्माना राशि सौ रुपया व दोबारा एक हजार रुपया होनी चाहिये। इतनी राशि भी आमजन के लिये एक भारी भरकम जुर्माना है। उनके अनुसार जुर्माना की अधिक राशि के नाम पर पुलिस कर्मियों द्वारा जनता का शोषण किया जायेगा।


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