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Tuesday, April 13, 2021

जिला पंचायत चुनाव और कोरोना का रूप प्रचंड....................................

देवेशप्रताप सिंह राठौर 

(वरिष्ठ पत्रकार)

........................................ जिला पंचायत चुनाव जिस तेजी से कोरोना संक्रमित समय में चल रहे हैं और पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं इस स्थिति का अवलोकन करने से स्पष्ट होता है कोरोना संक्रमित मामले उत्तर प्रदेश में और बढ़ेंगे क्योंकि जिला पंचायत चुनाव प्रधानी का चुनाव यह सब चुनाव क्षेत्रफल के आधार पर होते हैं, तथा मुंबई से जो मजदूर आ रहे हैं अपने गांव जा रहे हैं प्रधान और अन्य प्रत्याशियों को वोट डालने हैं तो अपने खर्चे से बुलाते हैं मुझे लगता है कि सरकार की जो गाइडलाइन है कि मुंबई से आने वाली हर ट्रेन के व्यक्ति को कोरोना टेस्ट होगा मैंने कई 1 ट्रेनें मुंबई से आई उनका निरीक्षण किया स्टेशन पर खड़े होकर किसी ने टिकट तक देखने की जरूरत नहीं समझी इतना वह करो ना का रेलवे के कर्मचारियों पर व्याप्त है कैसे पता चलेगा कि कौन व्यक्ति कहां से आया है जब उसका टिकट ही नहीं चेक होगा मुझे लगता है करो ना जिला पंचायत के चुनाव में जो गांव अभी तक बचे हुए हैं और गांव तक अगर कोरोना फैल गया हालत बहुत ही विकराल हो जाएगी सरकार को संभालने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी ऐसा मुझे प्रतीत होता है और मेरे विचार हैं अगर सरकार ध्यान दें जिला प्रशासन दिए गए मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन कराए मुझे लगता है कुछ हद तक हम अनुशासन और नियंत्रण के साथ कुरौना को कमजोर करने की स्थित बना सकते हैं,गति में तेजी लाएगा में कोरोना का संक्रमित समय तेजी से बढ़ रहा है इसका मुख्य कारण है लोगों की लापरवाही और नियमों का पालन ना करना,पूरे विश्व में कोरोना संक्रमित समय का द्वितीय चरण बहुत तेजी से फैल रहा है वर्तमान समय में लगभग विकसित देशों ने कोरोना वैक्सीन बना ली है तथा कोरोना वैक्सीन के बाद भी कोरो ना के संक्रमित समय वर्तमान समय में कोरोना की रफ्तार बढ़ रही है l वैक्सीन को हर व्यक्ति को समय से लगवा लेना चाहिए वैक्सीन कोरोना की एक ऐसा कवच है जो शरीर में यूनिटी पावर को बढ़ाता है और करो ना संक्रमित समय में कोरोना वायरस को शरीर में लड़ने की शक्ति पैदा कर देता है। आज लगभग देश के कुछ राज्यों में नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है कुछ राज्यों के कुछ जिलों में जहां पर कोरोना के मरीज अधिक पाए जा रहे हैं वहां पर राज्यों के सरकारों ने नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया है वही उत्तर प्रदेश की सरकार ने नाइट कर्फ्यू को लगाने के लिए दिशा निर्देश समस्त जिलाधिकारी को यथा स्थिति को देखते हुए अपने


विवेक से जो उचित हो वह निर्णय ले जिससे करो ना को रोका जा सके जिला प्रशासन ने बहुत से जिलों में नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया है । नाइट कर्फ्यू जो लग रहा है जिसका समय 9:00 से सुबह 6:00 बजे तक है अधिकतर नाइट कर्फ्यू का समय मेरा मानना है अगर नाईट कर्फ्यू लगता है उसकी समय सीमा शाम 6:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक की जाए क्योंकि शाम को गर्मी का समय है लोग 6:00 बजे के बाद घर से निकलना शुरू कर देते हैं कोई भी नियम का पालन नहीं करता है ऐसी स्थिति में सरकार को जिला प्रशासन को शाम 6:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाएं उससे शाम की जो भीड़ है बाजारों में दुकानों में चौराहों में वह सब कम हो सके लेकिन एक से एक बुद्धिजीवी लोग हैं उन्होंने जो भी निर्णय लिया है वह देखकर हर पहलू को समझ कर लिया है हम सिर्फ एक पहलू देख रहे हैं किसान को भीड़ इकट्ठी होती है शाम को लोग इकट्ठा होते हैं गर्मी का सीजन चल रहा है इस आधार पर 6:00 बजे से लाइट कर्फ्यू को एलान किया जाना चाहिए यह हमारी सोच है ईश्वर उचित समझे जिला प्रशासन उत्तर प्रदेश की सरकार इस पर ध्यान दे सकती है विचार कर सकती है वास्तव में आज करो ना से पूरा विश्व हिला जा रहा है और भारतवर्ष देश के तेजस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी के संरक्षण में विकास की गति को इस कोरोनावायरस ने अमूल समय सरकार का नष्ट कर दिया है क्योंकि अभी बहुत से निर्णय ऐसे हैं जो देश हित के लिए लेने सरकार को सोचने हेतु विचार करने की जरूरत है सबसे बड़ा एक और कानून बनना चाहिए जनसंख्या नियंत्रण कानून जब तक जनसंख्या नियंत्रण नहीं होगी स्थित भारत की बहुत ही आगे खराब होगी क्योंकि आप मेरा इशारा समझ रहे हैं कहां-कहां कितने कितने कौन-कौन लोग जनसंख्या में वृद्धि करने में लगे हैं इसे रोकना सरकार को कानून बनाकर इसे अवश्य देश की मांग है। कोरोना संक्रमित समय ने जो देश को नुकसान किया है वह नुकसान की भरपाई जल्दी नहीं हो पाई, आज बहुत ही हर व्यक्ति समझदार कोरोला की माहवारी प्रकोप को समझता है आज भी आप भीड़ भाड़ जहां खट्टी हो बाजार में चौराहे में अस्पताल में बस स्टॉप में रेलवे स्टेशन में टैक्सी स्टैंड के पास अन्य सार्वजनिक स्थानों पर आपको लापरवाही या स्पष्ट तौर पर दिखाई देने लगेगी 100 में 70 लोग मास्क नहीं लगाई मिलेंगे 30 परसेंट मास्क लगाए हैं वह भी 10 परसेंट ऐसे हैं जो मांस तो लगाए हैं लेकिन वह खास खाए हुए हैं मुंह केनीचे आस्क खस्काए हुए हैं। लखनऊ जिला पंचायत एवं प्रधानी के चुनाव कोरोना संक्रमित समय में दिक्कत पैदा कर सकते हैं क्योंकि प्रधानी के चुनाव जो होते हैं उसमें अधिकतर गांव के लोग जो बहार मजदूरी करते हैं जैसे मुंबई में गुजरात में अन्य बहुत राज्यों अब सब अपने अपने मतों को मतदाताओं को बुलाने का कार्य करते हैं जो लोग दूर-दराज से आ रहे हैं अपने चहेते प्रधान और जिला पंचायत बीडीसी को वोट डालने के लिए स्पेशल उनको प्रत्याशी बुलाते हैं और जैसे कि मुंबई से बहुत सारे उत्तर प्रदेश के जिलों में प्रधानी के चुनाव में अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए लोग जाएंगे ऐसे लोगों को सरकार को चाहिए  जांच करें क्योंकि अभी गांव कोरोना से मुक्त है अभी गांव में कोरोना इतना ज्यादा नहीं फहेला है अगर कहीं गांव में कोरो ना  फैल गया हालात बहुत ही गंभीर हो जाएंगे सरकार को स्थितियों को संभालने में बड़ी दिक्कतें आएंगी, इसलिए चुनाव के समय में जो बाहर से आने वाले अपने प्रत्याशियों को वोट डालने वाले मुंबई से आने वाले अन्य राज्यों से आने वाले ऐसे लोगों का कोरोना टेस्ट होना जरूरी है सरकार को और जिला प्रशासन इस पर विचार करने की जरूरत है, जो लोग उत्तर प्रदेश राज्य के बाहर से आ रहे हैं   ऐसे लोगों की जांच होनी चाहिए जो मुंबई से आ रहे हैं जो मुंबई से ट्रेन आ रही हैं उन लोगों की जांच की जाए और अन्य राज्यों से भी जो आ रहे हैं उनकी भी जांच परख करने की जरूरत है कि कोरोना संक्रमित वर्तमान समय में बहुत तेजी से फैला है और इस तेजी से फैलने का मुख्य कारण है जो हमारे एम्स दिल्ली के डायरेक्टर ने स्पष्ट तौर से कहा है कि 2020 में जब कोरो ना संक्रमित में सभी लोग बहुत ही अच्छा बचाव करते थे और नियमों का पालन करते थे लेकिन एक साल के बाद पुनः उसी माह में दोबा रा गति कोरोना ने पकड़ी है, कोरोना ने उससे स्पष्ट होता है हालात बहुत गंभीर हो सकते हैं अगर लोगों ने नियमों का पालन करने में ढिलाई की इसलिए मेरी सरकार से निवेदन है चुनाव के समय में ज्यादातर लोग बाहर से आते हैं और यह चुनाव छोटा है क्षेत्र फल बड़ा है और रूप इसका बड़ा है इसलिए ऐसे लोग जो बाहर से आ रहे हैं गांव में मुंबई के रहने वाले बिहार के रहने वाले गुजरात के रहने वाले पश्चिम बंगाल के रहने वाले प्रदेश के रहने वाले अन्य कई राज्यों के रहने वाले राजस्थान के रहने वाले मध्य प्रदेश के रहने वाले और बहुत दूर-दूर से लोग आ रहे हैं अपने चहेते प्रत्याशी को वोट डालने के लिए प्रत्याशी खुद अपने खर्चे से लोगों को बुलाते हैं मुझे लगता है ऐसे लोगों को कोरोना संक्रमित की जांच होनी चाहिए जिससे गांव में कोरो ना फहलने से रोका जा सके जी मेरी सरकारसे गुजारिश है। क्योंकि गांव में अगर कोरोना संक्रमित ने अपने पैर पसार दिए हालात बहुत बड़ी माहवारी के रूप में सामने आ सकते हैं।


    देश में कोरोना का संक्रमित समय तेजी से बढ़ रहा है इसका मुख्य कारण है लोगों की लापरवाही और नियमों का पालन ना करना,पूरे विश्व में कोरोना संक्रमित समय का द्वितीय चरण बहुत तेजी से फैल रहा है वर्तमान समय में लगभग विकसित देशों ने कोरोना वैक्सीन बना ली है तथा कोरोना वैक्सीन के बाद भी कोरो ना के संक्रमित समय वर्तमान समय में कोरोना की रफ्तार बढ़ रही है l वैक्सीन को हर व्यक्ति को समय से लगवा लेना चाहिए वैक्सीन कोरोना की एक ऐसा कवच है जो शरीर में यूनिटी पावर को बढ़ाता है और करो ना संक्रमित समय में कोरोना वायरस को शरीर में लड़ने की शक्ति पैदा कर देता है। आज लगभग देश के कुछ राज्यों में नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है कुछ राज्यों के कुछ जिलों में जहां पर कोरोना के मरीज अधिक पाए जा रहे हैं वहां पर राज्यों के सरकारों ने नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया है वही उत्तर प्रदेश की सरकार ने नाइट कर्फ्यू को लगाने के लिए दिशा निर्देश समस्त जिलाधिकारी को यथा स्थिति को देखते हुए अपने विवेक से जो उचित हो वह निर्णय ले जिससे करो ना को रोका जा सके जिला प्रशासन ने बहुत से जिलों में नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया है । नाइट कर्फ्यू जो लग रहा है जिसका समय 9:00 से सुबह 6:00 बजे तक है अधिकतर नाइट कर्फ्यू का समय मेरा मानना है अगर नाईट कर्फ्यू लगता है उसकी समय सीमा शाम 6:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक की जाए क्योंकि शाम को गर्मी का समय है लोग 6:00 बजे के बाद घर से निकलना शुरू कर देते हैं कोई भी नियम का पालन नहीं करता है ऐसी स्थिति में सरकार को जिला प्रशासन को शाम 6:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाएं उससे शाम की जो भीड़ है बाजारों में दुकानों में चौराहों में वह सब कम हो सके लेकिन एक से एक बुद्धिजीवी लोग हैं उन्होंने जो भी निर्णय लिया है वह देखकर हर पहलू को समझ कर लिया है हम सिर्फ एक पहलू देख रहे हैं किसान को भीड़ इकट्ठी होती है शाम को लोग इकट्ठा होते हैं गर्मी का सीजन चल रहा है इस आधार पर 6:00 बजे से लाइट कर्फ्यू को एलान किया जाना चाहिए यह हमारी सोच है ईश्वर उचित समझे जिला प्रशासन उत्तर प्रदेश की सरकार इस पर ध्यान दे सकती है विचार कर सकती है वास्तव में आज करो ना से पूरा विश्व हिला जा रहा है और भारतवर्ष देश के तेजस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी के संरक्षण में विकास की गति को इस कोरोनावायरस ने अमूल समय सरकार का नष्ट कर दिया है क्योंकि अभी बहुत से निर्णय ऐसे हैं जो देश हित के लिए लेने सरकार को सोचने हेतु विचार करने की जरूरत है सबसे बड़ा एक और कानून बनना चाहिए जनसंख्या नियंत्रण कानून जब तक जनसंख्या नियंत्रण नहीं होगी स्थित भारत की बहुत ही आगे खराब होगी क्योंकि आप मेरा इशारा समझ रहे हैं कहां-कहां कितने कितने कौन-कौन लोग जनसंख्या में वृद्धि करने में लगे हैं इसे रोकना सरकार को कानून बनाकर इसे अवश्य देश की मांग है। कोरोना संक्रमित समय ने जो देश को नुकसान किया है वह नुकसान की भरपाई जल्दी नहीं हो पाई, आज बहुत ही हर व्यक्ति समझदार कोरोला की माहवारी प्रकोप को समझता है आज भी आप भीड़ भाड़ जहां खट्टी हो बाजार में चौराहे में अस्पताल में बस स्टॉप में रेलवे स्टेशन में टैक्सी स्टैंड के पास अन्य सार्वजनिक स्थानों पर आपको लापरवाही या स्पष्ट तौर पर दिखाई देने लगेगी 100 में 70 लोग मास्क नहीं लगाई मिलेंगे 30 परसेंट मास्क लगाए हैं वह भी 10 परसेंट ऐसे हैं जो मांस तो लगाए हैं लेकिन वह खास खाए हुए हैं मुंह केनीचे मास्क खस्काए हुए हैं।

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