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Wednesday, March 24, 2021

कानपुर :- फर्जी कॉल सेंटर, का पर्दाफाश, मुख्य आरोपित गिरफ्तार

डीआइजी की स्वाट टीम ने बुधवार को शहर में संचालित हो रहे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। पुलिस द्वारा ग्लोबस मॉल और चुन्नीगंज में एसकेएस डिजिटल सोल्यूसंश नाम के कॉल सेंटरों पर छापा मारा गया। पुलिस ने मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है और भारी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह नौकरी दिलाने के बहाने बेरोजगारों को फंसाकर उनसे वसूली करता था।
कानपुर कार्यालय संवाददाता:- स्वाट प्रभारी अमित तोमर ने बताया कि पुलिस ने ग्लोबस मॉल के कॉल सेंटर से मूल रूप से प्रतापगढ़ निवासी और वर्तमान समय में गाजियाबाद के सेक्टर 58 में रहने वाले हरिओम पांडेय को गिरफ्तार किया है। कंपनी का हेड ऑफिस गाजियाबाद में है। इस गिरोह में हरिओम के अलावा उसके दो साथी भी हैं, जोकि फरार हैं।

ऐसे हाेती थी बेरोजगारों से ठगी: पुलिस के मुताबिक गिरोह नोएडा, दिल्ली की कंपनियों से बेरोजगारों के डाटा खरीद लेता था। इसके बाद कॉल सेंटर की लड़कियां बेरोजगारों को फोन करके नौकरी दिलाने का झांसा देती थी। बातचीत में प्रोसेसिंग फीस के रूप में बेरोजगारों से 11 से 12 हजार रुपये जमा करा लिए जाते। चूंकि ठगी की रकम कम होती, इसलिए पीड़ित ज्यादातर शिकायत नहीं करते थे।

शिकार फंसते ही फेंक देते थे मोबाइल: ठगों का यह गिरोह बेहद शातिर है। बेरोजगारों को फोन करने के लिए सस्ते मोबाइल और प्री-एक्टिवेट सिम खरीदे जाते। जैसे ही शिकार फंस जाता, उक्त मोबाइल व सिम कूड़ेदान में फेंक दिया जाता। पुलिस ने मौके से करीब 50 मोबाइल बरामद किए हैं। इसके अलावा हिसाब किताब की कई डायरियां भी मिली हैं।

महीने में कमाते थे 25 लाख रुपये: स्वाट प्रभारी के मुताबिक आरोपित से पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह महीने में दो से ढाई हजार बेराजगारों को ठगते थे, जिनसे 23 से 25 लाख रुपये महीने की कमाई होती थी। कॉल सेंटर में करीब 15 से बीस लड़कियां नौकरी पर रखी हुई थीं, जिन्हें यह 10 से 12 हजार रुपये प्रतिमाह देते थे।

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