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Wednesday, February 17, 2021

पर्यावरण संरक्षण से संवरेगा भविष्य: गणेश

शिविर के दूसरे दिन हुई संगोष्ठी

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। राजकीय महाविद्यालय मानिकपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई 1 व 2 के सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन के प्रथम सत्र में पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में जनपद के पर्यावरणविद गणेश प्रसाद मिश्रा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की वर्तमान में बहुत आवश्यकता है, क्योंकि उसीसे भूत और भविष्य को संवार सकते हैं। अवैध खनन रोकने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस विषय पर संवेदनशील हों। अन्यथा आगामी पीढ़ियों को यक्ष प्रश्न का उत्तर देने में असमर्थ हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि एक वृक्ष 10 पुत्र के समान होता है। यदि एक वृक्ष को काटते हैं तो उसका अर्थ है कि एक पुत्र की हत्या की। तुलसी, नीम, पीपल आदि के पेड़ों के महत्व को उजागर करते हुए उन्होंने  बताया कि यह जन्म से मृत्यु पर्यंत साथ रहते हैं। प्लास्टिक के उपयोग की चर्चा करते हुए कहा कि इससे पर्यावरण तो प्रदूषित होता ही है

शिविर में मौजूद पर्यावरणविद, छात्र-छात्राएं।

साथ ही जलीय जीवो की मृत्यु का भी कारण बनता है। इसलिए प्लास्टिक का उपयोग नहीं करना चाहिए। सजल संरक्षण पर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि जल को प्रदूषित होने से बचाना है। जिससे भविष्य में सभी को स्वच्छ जल मिल सके। पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, अपितु यह सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कोई कार्य बड़े नहीं होते इच्छाशक्ति बड़ी रहे, क्योंकि एक व्यक्ति ही दूसरे व्यक्ति के जीवन में बदलाव कर सकता है। बदला नहीं बदलाव की भावना रखें। पलायन रोकने एवं जनसंख्या नियंत्रण पर जोर देते हुए कहा कि जीवन में तीन कार्य अवश्य करने चाहिए। अर्थात किसी भी कार्य की पहले शुरुआत करें, फिर सुधार और उसे लागू करें। महाविद्यालय के संरक्षक प्राचार्य डॉ दुर्गेश कुमार शुक्ल ने शिविरार्थियों को ऐसी संगोष्ठियों से सीख लेने की बात कही। महाविद्यालय में स्वयं वृक्ष लगवाकर उनकी पूरी देखरेख कर सभी बच्चों को भी पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का अहसास करवाते हैं। जल संरक्षण के लिए प्राचार्य ने छत के जल को जमीन में संचय करने व खेत के पानी को खेत में संचय करने पर विस्तार से जानकारी दी। दूसरे सत्र के दौरान छात्र-छात्राओं ने श्रमदान कर गोद लिए गॉंव की सफाई की है।


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