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Wednesday, February 10, 2021

ग्रामीण प्रहरी को राज्य कर्मचारी घोषित कराने की संघ ने उठायी मांग

मुख्यमंत्री को भेजा सात सूत्रीय ज्ञापन 

फतेहपुर, शमशाद खान । उत्तर प्रदेश ग्राम प्रहरी चैकीदार संघ ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ग्रामीण प्रहरी को राज्य कर्मचारी घोषित कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी के माध्यम से सात सूत्रीय ज्ञापन भेजा है। 

संघ के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार व जिला मंत्री शिव मोहन की अगुवई में पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री को सम्बोधित सात सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर बताया कि देश आजाद होने के पहले सन 1873 में ग्रामीण प्रहरी की भर्ती हुयी थी जो कि चैकीदार पुस्तिका में उल्लिखित है। प्रदेश में सभी पार्टी का शासन आया लेकिन किसी सरकार ने चैकीदारों के प्रति अपना स्नेह नहीं दिखाया जबकि पड़ोसी राज्य बिहार एवं राची में चैकीदारों को रेगुलर कर दिया गया है। बताया कि रेगुलर कर्मचारी न होने की वजह से उन्हें किसी तरह की

ज्ञापन देने के लिए कलेक्ट्रेट पर खड़े संघ के पदाधिकारी।

योजनाओं का लाभ नहीं मिलता और उनका जीवन बेहद परेशानी में गुजर रहा है। ग्राम प्रहरियों ने मुख्यमंत्री से मांग किया कि प्रहरियों के कानून में संशोधन करके जिनकी उम्र है उनको चतुर्थ श्रेणी एवं जिनकी उम्र खत्म है उनको कुछ धनराशि देकर रिटायर किया जाये, प्रहरियों की संख्या के आधार पर सामान थानों पर भेजा जाये, अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही वर्दी को बदलकर होमगार्ड एवं प्रान्तीय रक्षक दल के अनुसार किया जाये, थाने में जाने के बाद तुरन्त हाजिरी लगना चहिए जबकि दिन भर काम करने या रात भर रहने के बाद जब घर जाना होता है तो दीवान या मुंशी हाजिरी लगवाते हैं यह न्याय संगत नहीं है, तीन दिन गांव में सरकारी ड्यूटी करने के बावजूद प्रहरियों को थाने पर कोई कमरा आरक्षित नहंी किया गया तत्काल कमरा आरक्षित करवाया जाये, प्रहरियों को भी वर्दी एवं जो सामान शासन द्वारा दिया जाये उसका पैसा ग्राम प्रहरियों के खाते में भेजा जाये, अन्य कर्मचारियों की भांति भत्ता एवं बोनस दिया जाये। इस मौके पर शिवबरन, नारेन्द्र, सवनी, तेज नारायण, श्रीराम, राकेश, मेवालाल, सुखराम, सुरेश पटेल, कमलेश आदि मौजूद रहे। 


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