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Sunday, February 21, 2021

जेल परिसर में लगेगी क्लास, निरक्षर बंदी बनेंगे शिक्षित

कारागार अधीक्षक मो0 अकरम ने बंदियों को शिक्षित बनाने का उठाया बीड़ा

बंदी शिक्षक पढ़ाएंगे, बैरक का बरामदा होगी कक्षा

फतेहपुर, शमशाद खान । बंदी सुधार व कल्याण के उद्देश्य लेकर जिला जेल में विभिन्न अपराधों में कैद बंदियों को जेल परिसर में ही शिक्षित बनाने का काम किया जायेगा। जेल में निरुद्ध 250 बंदियों की जिला कारागार में नवांगुतक जेल अधीक्षक मो0 अकरम खान की पहल से बंदियों को शिक्षित बनाने का काम शुरू होगा। रविवार को जेल में बंदियों की काउंसलिंग की गयी। जिसमें निरक्षर बंदियों की छंटनी के पश्चात जेल में शिक्षित बंदियों में से 11 व्यक्तियों को बंदी शिक्षक बनांकर उन्हें निरक्षरों को शिक्षित करने की जिम्मेदारी सौपी गयी। इसके लिये बैरक के बाहर के बरामदे को कक्षा का रूप देकर बोर्ड व चार्ट लगाया जायेगा। दोपहर के समय दो घण्टे तक कक्षाओं को संचालित कर बंदियों को पढ़ाया जायेगा। जेल में निरक्षर बंदियों को शिक्षा मिलने की बात सुनकर सभी बंदियों के चेहरे पर मुस्कान छा गयी। 

कार्यक्रम को सम्बोधित करते जेल अधीक्षक मो0 अकरम खान एवं उपस्थित बंदी।

जिला कारागार में बंदियों की काउंसिलिंग के पश्चात पत्रकारों से बातचीत करते हुए नवागंतुक जेल अधीक्षक मो0 अकरम खान ने बताया कि 27 वर्षों की जेल सेवा में विभिन्न जनपदों में नियुक्त के दौरान उनके द्वारा अब तक हजारों निरक्षर महिला व पुरूष बंदियों को शिक्षित बनाने का कार्य किया गया हैं। बंदियों को पढ़ाने के लिये जेल में निरुद्ध पढ़े लिखे बंदियों को ही बंदी शिक्षक के रूप में नियुक्त किया जायेगा। जो दोपहर के समय बैरक होने के पश्चात बैरक के बरामदे में बंदियों को पढ़ाने का काम करेंगे। उन्होंने बताया कि जेल में बन्द सभी निरक्षर बंदियों को शिक्षित करना उनका सपना है। शिक्षा हासिल करने के पश्चात जेल से निकलकर बंदी मुख्यधारा में वापस लौटने में मदद मिलेगी। जेल में बंदियों की पढ़ाई में स्टेशनरी समेत अन्य जरूरतों को सामाजिक संस्थाओं के सहयोग लिया जायेगा। इसके लिये शहर के ट्रुथ मिशन स्कूल के प्रबंधन ने हाथ आगे बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में बंदियों को प्राथमिक शिक्षा दी जायेगी हस्ताक्षर करना सिखाया जायेगा। उसके पश्चात बंदियों को कक्षा पांच आठ हाईस्कूल व इंटरमीडियट व स्नातक कक्षाओं तक का फार्म भरवाकर उनके शिक्षित किया जायेगा। जिससे वह जेल से छूटने के बाद में मुख्य धारा में आसानी वापस जाकर रोजगार हासिल करने व समाजिक जीवन जी सके। जेल अधीक्षक मो0 अकरम खान की इस सराहनीय पहल से जेल बंदियों में खुशी की लहर है। इस कदम की जनपद में चारो ओर जमकर सराहना की जा रही है।


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