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Thursday, February 25, 2021

नरौली शरीफ के उर्स में दिखी भाईचारे की मिसाल

गाजे बाजे के साथ हुआ चादर गश्त

खागा-फतेहपुर, शमशाद खान । देश भर में विख्यात सूफी संत इफहाम उल्लाह शाह के पहले उर्स-ए-इफहामिया एवं जलसे में कई प्रांतों से आए अकीदतमंदों की भारी भीड़ के बीच हथगाम विकास खण्ड के जलालुद्दीन शाह कुतबे आलम नरौली शरीफ में चादर गस्त, गुलपोशी, तकरीर, नातिया कलाम, सूफियाना कव्वाली, लंगर आदि धार्मिक अनुष्ठान के साथ पहला दिन संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश आदि प्रांतों के लोग आए हैं जिनमें बड़ी संख्या में हिंदू परिवार भी आस्था के इस केंद्र में आकर अपनी हाजिरी दे रहे हैं। खानकाहे इफहामिया के सज्जादा नशीन हजरत हाशिम हुसैन सरपरस्ती फरमा रहे हैं। अजमेर शरीफ के सज्जादा नशीन सय्यद मोहम्मद आसिफ मियां विशेष रुप से उपस्थित रहे।

नातिया मुशायरे में  कलाम पेश करते शायर।

जाने-माने शायर एवं खानकाहे इफहामिया नरौली शरीफ के चिकित्सा केंद्र के प्रमुख डॉ0 वारिस अंसारी के अनुसार जाने-माने सूफी संत हजरत इफहाम उल्लाह शाह फाजिल मियां पिछले साल परदा फरमा गए थे। उन्हीं का पहला उर्स मुबारक सज्जादा नशीन हजरत हाशिम हुसैन साहब की सरपरस्ती में हो रहा है। पहले दिन खानकाह से चादर गाजे बाजे एवं रोशनी के साथ मदरसे में स्थित मजार पहुंची। सुबह लगभग चार बजे मजार शरीफ पर गुस्ल की रस्म अदा की गई। अब्दुल हफीज, आफताब चिश्ती अजमेर शरीफ, सिराज कव्वाल बांदा ने सूफी कव्वाली पेश की। कौमी सद्र ऑल इंडिया गरीब नवाज काउंसिल मौलाना मोहम्मद हाशिम हुसैन अशरफी कानपुरी ने मुल्क में अम्न ओ अमान, भाईचारे एवं इंसानियत का पैगाम देते हुए मुल्क एवं दुनिया से कोरोना के खात्मे की दुआएं कीं। पूरी रात नातिया मुशायरा भी चला। खुर्शीद आलम कानपुरी ने पढ़ा-मखलूक ए खुदा पलती है लंगर से तुम्हारे,हमसे तो एक बच्चा भी पाला नहीं जाता। राशिद रजा मरकजी बरेली शरीफ में पढ़ा-अजमेर के ख्वाजा का दरबार निराला है,उस दर की ये बरकत है भारत में उजाला है। नूर अली नूर, कमर सैयारा, हाफिज तुफैल चंद्रपुर, मुफ्ती अहमद रजा मरकजी, कारी मुफ्ती वसीम, कारी अब्दुल मतीन, सूफी यासीन, शान मोहम्मद, जीशान अंसारी फतेहपुरी, मोहम्मद अकील आदि अनेक शायरों ने नातिया कलाम पेश किए। निजामत हाफिज सुभान अल्लाह कानपुरी ने की। सज्जादा नशीन हजरत हाशिम हुसैन ने जश्न ए मिलादुन नबी में आए मौलाना एवं शायरों को मंच पर खुद गुलपोशी की और अंग वस्त्र भेंट किया। इंतजामकारों में महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ आदि प्रांतों से आए केके सिंह, संकेत मिश्रा, शंकर, मुकेश, ललित कुमार, नीलेश कुमार, कैलाश सविता के अलावा मेहंदी हसन, आमिल हुसैन, मस्तान बाबा, शिवशरण बंधु, शिवम हथगामी आदि शामिल हैं।


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