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Friday, February 12, 2021

अब जायदाद में कोई नहीं कर सकता कब्जा: मंत्री

कार्यक्रम में घरौनी कार्ड के बताए लाभ

लाभार्थियों को बांटे गए घरौनी कार्ड

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। लोनिवि राज्य मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, विधायक मानिकपुर आनंद शुक्ला, जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय की उपस्थिति में मंदाकिनी अतिथि गृह कालूपुर के सभागार में आपकी संपत्ति आपका अधिकार, डिजिटल अभिलेख स्वामित्व योजना में तहसील कर्वी के ग्रामों के भू स्वामियों को ग्रामीण आवासीय अभिलेख घरौनी के वितरण समारोह यंपन्न हुआ। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सूचना एवं जन संपर्क विभाग ने एलईडी के माध्यम से किया।

राज्य मंत्री ने कहा कि जब मोदी जी प्रधानमंत्री बने तो उनके दिमाग में यह बात आई कि जो आबादी क्षेत्र में लोग गांव में निवास कर रहे हैं उन्हें उनको कैसे हक मिले तो उन्होंने स्वामित्व योजना लागू कर घरौनी कार्ड वितरण की शुरुआत कराई। 70 साल देश आजाद होने के बाद भी किसी के मन में यह बात नहीं आई और न ही आबादी

घरौनी कार्ड देते मंत्री।

के उन्होंने कागज दिए। इस अधिकार पत्र मिलने के बाद गांव में कोई समस्या नहीं होगी। अब जायदाद में कोई कब्जा नहीं कर सकता है। कार्ड के माध्यम से बैंकों से ऋण भी ले सकते हैं। उन्होंने सभी को शौचालय, आवास आदि विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया है। जिले में 24 गांव के लगभग 4 हजार से अधिक लाभार्थियों को आज इसका लाभ दिया जा रहा है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री द्वारा 11 जनपदों 1001 ग्रामों के एक लाख 57 हजार 244 भू स्वामियों को ग्रामीण आवासीय अभिलेख का ऑनलाइन वितरण किया गया। यह कानूनी ताकत है। विधायक मानिकपुर ने कहा कि जीवन की तीन मूलभूत आवश्यकताएं होती है। जिसमें रोटी, कपड़ा और मकान। इन्ही तीन चीजों में जिंदगी व्यतीत होती है। पूर्वजों की मृत्यु हो गई। उसमें काबिज हैं। उनकी जायदाद को आने वाले पीढ़ी को दे सके। इसलिए यह योजना लागू की गई है। आए दिन गांव में लड़ाई झगड़ा होते थे। इस उद्देश्य को लेकर प्रधानमंत्री ने स्वामित्व योजना लागू कर लाभ दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की महत्वपूर्ण योजना है। जिस जमीन में रहते हैं उसका कोई प्रमाण नहीं था। अब इस घरौनी कार्ड के मिलने के बाद प्रमाणिक अभिलेख मिला है। आबादी के क्षेत्र में रहने वाले व्यक्तियों के पास बाबा, दादा का नाम नहीं था। इसमें अब नाम दर्ज हो गया। जिसमें आने वाली पीढ़ियों का भी वरासत किया जाएगा। पहले गांव में मकान, घर में कब्जा लोगों द्वारा किया जा रहा था। अब यह नहीं होगा। इस अभिलेख को लेकर कोर्ट से लाभ ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि शासन ने वरासत का भी अभियान चलाया है। जिसका सत्यापन भी किया जा रहा है। कहा कि गांव के गरीब वंचित को पहले लाभ योजनाओं का दिया जाए। इस अवसर पर न्यायिक तहसीलदार सोमेश श्रीवास्तव ने घरौनी कार्ड के लाभ के बारे में लाभार्थियों को विस्तृत जानकारी दी। उप जिलाधिकारी राम प्रकाश ने अतिथियों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक साकेत बिहारी शुक्ल ने किया। इस दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी संजय कुमार पाण्डेय, तहसीलदार कर्वी संजय अग्रहरी, नायब तहसीलदार कर्वी रामानंद मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी कानूनगो, लेखपाल, घरौनी कार्ड के लाभार्थी, जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

भूलेख खसरा के नवीन डिजिटल प्रारूप का शुभारंभ

चित्रकूट। मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के अंतर्गत तैयार किए गए ग्रामीण आवासीय अभिलेख घरौनी के डिजिटल वितरण एवं भूलेख खसरा के नवीन ऑनलाइन डिजिटल प्रारूप का शुभारंभ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया है। इस दौरान एनआईसी में लोनिवि राज्य मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, विधायक मानिकपुर आनंद शुक्ला, जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय, उप जिला अधिकारी कर्वी राम प्रकाश ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री के भाषण के उपरांत पांच लाभार्थियों को खरौनी कार्ड बांटे हैं।


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