ट्राफिक नियम अपनाएं, घायल की करें मदद’ - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Saturday, February 20, 2021

ट्राफिक नियम अपनाएं, घायल की करें मदद’

डीएम-एसपी ने यातायात जागरुकता अभियान के तहत अच्छा कार्य करने पर किया सम्मनित

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय व पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल की उपस्थिति में संत थॉमस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा कार्यक्रम का समापन समारोह हुआ।

जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा माह का आयोजन इस विद्यालय में गत वर्ष भी किया गया था। अभी तक कोरोना वायरस रोकथाम के लिए कार्य कर रहे थे, लेकिन ट्राफिक के नियमों का पालन करना है। गोल्डन आवर गुड्स मेट्मस के कार्य को कई अधिकारियों, कर्मचारियों ने किया है। जिन्हें सम्मानित भी किया गया है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में इस कार्यक्रम को इसलिए किया जा रहा है कि आने वाली पीढ़ी जब आगे बढ़ेंगे तो कार्य अधिक होंगे। युवा शक्ति अगर ठान लेगी तो उसको बेहतर तरीके से करेगें। ट्राफिक के नियमों के प्रति लोगों को जागरूक कर जान बचाने का कार्य करें। हेलमेट न पहनने से काफी घटनाएं होती हैं। आज कल के जमाने में सोशल मीडिया काफी पावरफुल हो गया है। उन्होंने विद्यालयों के बच्चों से कहा कि पढ़ाई करने वाले बच्चे इस

टीएसआई प्रमाण पत्र देते डीएम-एसपी।

सोशल मीडिया से दूरी बनाए, लेकिन समाज हित पर कार्य करें। अपने मम्मी, पापा तथा आसपास के लोगों को समझाएं कि घर से बाहर निकले तो ट्राफिक के नियमों का पालन अवश्य करें। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि कोरोना के समय काफी दिन बाद विद्यालय अब खुले हैं। बच्चों को अच्छी बातें बताएं तथा नैतिक शिक्षा स्तर पर जरूर ध्यान दिया जाए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि लगातार पुलिस व अन्य प्रशासनिक विभागों द्वारा पूरे वर्ष सड़क सुरक्षा के कार्यक्रम कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आज बच्चों ने संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण भी किया। जिससे सीख लेना चाहिए। पुलिस प्रशासन नियमों का पालन कराते हैं। जब तक सड़क पर चलने वाले लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे तो इन नियमों का पालन सही नहीं कर पाएंगे। भारतवर्ष में काफी मृत्यु सड़क दुर्घटनाओं से होती है। घर से निकलते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग अवश्य करें। घटना कभी भी घट सकती है। ऐसे में विशेष ध्यान दें। गुड्स मैट्मस में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ इम्तियाज को सम्मानित किया गया। इसका मतलब यह होता है कि अगर कोई व्यक्ति की दुर्घटना हो जाए तो उसकी मदद अवश्य करें। ताकि उसकी जान बच सके। कुछ लोग तो डर के कारण लोगों की मदद नहीं करते हैं। वह पुलिस के भय के कारण या गाड़ी, शरीर पर खून न लग जाए। इस सोच को बदलना होगा। तभी सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 1998 में गुड्स मैट्मस का एक आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया है कि कोई व्यक्ति को परेशान नहीं किया जाएगा। कहा कि दूसरे की जान बचाना सबसे बड़े हित का कार्य है। स्वयं करें और दूसरों को भी प्रेरित कर सहायता कराएं। 

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सुरेशचंद यादव ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित अधिकारियों, शिक्षकों व बच्चों का अभिनंदन करते हुए सड़क यातायात के दौरान होने वाली घटनाओं की रोकथाम आदि पर कहा कि पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य विभाग शासन के निर्देश पर कार्य कर रहे हैं। सभी ट्रैफिक नियमों का पालन करें। इस मौके पर ट्रैफिक नियमों के जागरूकता अभियान के अंतर्गत अच्छे कार्य करने वाले पुलिसकर्मी, शिक्षक, एंबुलेंस संचालक, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, समाजसेवी, पत्रकारों को पुष्पगुच्छ व प्रमाण पत्र भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन संत थामस विद्यालय की शिक्षक शशि देवी व केशव शिवहरे ने किया। इस दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर शीतला प्रसाद पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक बलिराज राम, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओमकार राणा आदि मौजूद रहे।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages